बड़नगर पुलिस ने अंतर्राज्यीय गांजा तस्करी के एक मामले का खुलासा करते हुए ओडिशा के कंधमाल निवासी 23 वर्षीय अनंत को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से 5 किलो 165 ग्राम गांजा बरामद किया गया है, जिसकी अनुमानित कीमत 1.29 लाख रुपये बताई गई है।
पुलिस के अनुसार 4 जून की दोपहर मुखबिर से सूचना मिली थी कि रतलाम रोड पर एक युवक बैग लेकर संदिग्ध अवस्था में खड़ा है और किसी का इंतजार कर रहा है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी अशोक पाटीदार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मौके पर घेराबंदी की। पुलिस को देखते ही युवक भागने लगा, लेकिन करीब 100 मीटर तक पीछा करने के बाद उसे पकड़ लिया गया।
तलाशी के दौरान उसके बैग से 5 किलो 165 ग्राम गांजा बरामद हुआ। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह ओडिशा से गांजा लेकर उज्जैन आया था और इसे स्थानीय स्तर पर बेचने की योजना थी। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी के खिलाफ ओडिशा में पहले से एनडीपीएस एक्ट का मामला दर्ज है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बड़नगर थाने में अपराध क्रमांक 346/2026 के तहत एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज किया है। अब पुलिस उससे सप्लाई चेन, स्थानीय खरीदारों और गिरोह के अन्य सदस्यों के संबंध में पूछताछ कर रही है।
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14 साल से फरार 10 हजार का इनामी वारंटी गिरफ्तार
फरार अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत माधवनगर थाना पुलिस ने 14 वर्ष से फरार चल रहे 10 हजार रुपये के इनामी स्थायी वारंटी अविनाश सुनहरा को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी अविनाश सुनहरा (45) पिता रमेशचंद्र सुनहरा, हीरा मिल की चाल, उज्जैन का निवासी है। उसके खिलाफ दो अलग-अलग मामलों में न्यायालय से स्थायी वारंट जारी किए गए थे। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह लगातार ठिकाने बदल रहा था और पिछले 14 वर्षों से फरार चल रहा था।
पुलिस अधीक्षक द्वारा आरोपी के दोनों वारंटों पर 5-5 हजार रुपये, कुल 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। माधवनगर थाना पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी क्षेत्र में देखा गया है। सूचना के आधार पर पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया। इस कार्रवाई के साथ ही 14 वर्षों से लंबित दोनों वारंटों की तामील हो गई।
गिरफ्तारी क्यों अहम है?
- आरोपी 14 वर्षों से पुलिस और न्यायालय से बचता फिर रहा था।
- दोनों स्थायी वारंटों पर कुल 10 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
- फरार वारंटियों के खिलाफ चल रहे विशेष अभियान को बड़ी सफलता मिली।
- मुखबिर की सूचना पर त्वरित कार्रवाई कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
