इंदौर में विजय नगर के समीप मेट्रो ट्रैक के डिवाइडर के नीचे अवैध रूप से एक एजेंसी द्वारा होर्डिंग लगा दिए गए थे। इसके लिए न तो नगर निगम ने टेंडर जारी किए थे और न ही किसी प्रकार की अनुमति दी गई थी। बुधवार को इन अवैध होर्डिंगों को जमीन से उखाड़ दिया गया। इनकी संख्या 30 से अधिक थी।
शहर के पॉश इलाके सयाजी से विजय नगर और रेडिसन चौराहा के बीच मेट्रो डिवाइडर पर पिछले माह ये होर्डिंग लगाए गए थे। एमआईसी मेंबर राजेंद्र राठौर ने इसे विज्ञापन घोटाला करार देते हुए मौके पर जाकर विरोध किया। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की मिलीभगत से ये होर्डिंग लगाए गए हैं और इससे नगर निगम को राजस्व का नुकसान हो रहा है। यदि टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से इस महंगे रूट पर डिवाइडर लगाए जाते, तो नगर निगम को अधिक राजस्व प्राप्त होता।
इसके बाद मामले की जांच शुरू हुई और अधिकारियों ने स्वीकार किया कि ये होर्डिंग नगर निगम की अनुमति के बिना लगाए गए थे। इस प्रकार डिवाइडरों पर होर्डिंग लगाना हाईकोर्ट ने भी उचित नहीं माना है। इसके बाद गुरुवार को नगर निगम की रिमूवल टीम ने इन अवैध होर्डिंगों को हटा दिया।
आपको बता दें कि इंदौर में अवैध होर्डिंगों की संख्या काफी अधिक है। समय-समय पर इन्हें हटाने की बात तो होती है, लेकिन नगर निगम के अधिकारी ठोस कार्रवाई नहीं करते। सालभर पहले भी नगर निगम के एक अन्य एमआईसी मेंबर ने चौराहों पर लगे होर्डिंग के स्ट्रक्चर को स्वयं मौके पर जाकर हटाया था। उस समय भी यह मुद्दा काफी चर्चा में रहा था।
