इंदौर के प्रेस क्लब सभागृह में सोशियो मीडिया संवाद का आयोजन किया गया। जिसमें सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के मुख्य सलाहकार ए. के. बदरीनाथ ने कहा कि आधुनिक देशों में डेटा अब बड़ी पूंजी के समान है। कई बड़े फैसले डेटा पर आधारित होते हैं। चीन अपने डेटा का खुलासा नहीं होने देता है। भविष्य में डेटा देश की बड़ी ताकत के रूप में उभरेगा। कई देशों में डेटा पर आधारित नवाचार होने लगे हैं।

डेटा आधारित पत्रकारिता का बढ़ता प्रभाव

उन्होंने कहा कि विदेशों की पत्रकारिता डेटा आधारित होती है, जबकि भारतीय मीडिया में समाज, कला, साहित्य सहित कई रंग देखने को मिलते हैं। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया का उपयोग सकारात्मक होना चाहिए। कई देशों में सोशल मीडिया के कारण कुछ नकारात्मक अभियान भी चलाए गए हैं।

सोशल मीडिया का बढ़ता दबाव

ए. के. बदरीनाथ ने कहा कि सोशल मीडिया का कंटेंट अब परंपरागत मीडिया को भी प्रभावित करने लगा है। सोशल मीडिया पर जो विषय ट्रेंड में रहता है, उसे दिखाने का दबाव अब अन्य मीडिया माध्यमों पर भी बढ़ने लगा है।

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डिजिटल मीडिया ही तय करेगा पत्रकारिता का भविष्य

उन्होंने कहा कि देश में पिछले दस वर्षों में डिजिटल मीडिया का प्रभाव तेजी से बढ़ा है। आने वाले समय की पत्रकारिता काफी हद तक डिजिटल मीडिया पर आधारित होगी। कार्यक्रम के समन्वयक हेमंत उपाध्याय ने कहा कि बदलते दौर में पत्रकारिता तकनीक से गहराई से जुड़ गई है। अब लोग खबरों पर तत्काल प्रतिक्रिया देने लगे हैं। एक गलत खबर किसी व्यक्ति को हीरो से जीरो बना सकती है। कार्यक्रम में दीपक कर्दम, प्रदीप जोशी सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।



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