मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में महिला आरक्षण को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। महिला कांग्रेस ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान हालात तब बिगड़ गए जब कार्यकर्ता BJP कार्यालय की ओर बढ़ने लगीं और पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई, जिसमें कई महिला कार्यकर्ता घायल हो गईं और कुछ के कपड़े तक फट गए।

लॉलीपॉप और झुनझुना लेकर किया विरोध

महिला कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार महिला आरक्षण के नाम पर सिर्फ दिखावा कर रही है। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के सामने प्रदर्शन की शुरुआत प्रधानमंत्री का प्रतीकात्मक पुतला दहन कर की गई। प्रदेश अध्यक्ष रीना बोरासी सेतिया और महासचिव रूपाली शर्मा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने हाथों में लॉलीपॉप, झुनझुना और तख्तियां लेकर नारेबाजी की। उनका कहना था कि लोकसभा की 543 सीटों पर ही सीधे आरक्षण लागू किया जाए।

BJP कार्यालय घेरने निकलीं, रास्ते में रोका

प्रदर्शन के बाद महिला कार्यकर्ता BJP कार्यालय का घेराव करने निकलीं और प्रतीकात्मक रूप से लॉलीपॉप भेंट करने जा रही थीं। लेकिन पांच नंबर चौराहे के पास पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया। अनुमति नहीं होने का हवाला देते हुए पुलिस ने आगे बढ़ने से मना किया, जिससे नाराज कार्यकर्ताओं ने सड़क पर बैठकर धरना शुरू कर दिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

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पुलिस से झड़प, धक्का-मुक्की में घायल

स्थिति तब और तनावपूर्ण हो गई जब कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश की। पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए उन्हें पीछे धकेला। इस दौरान महिला पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच जोरदार झड़प हुई। धक्का-मुक्की में रीना बोरासी सेतिया सहित कई महिलाएं सड़क पर गिर पड़ीं और घायल हो गईं। कुछ कार्यकर्ताओं को चोटें भी आईं। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने कई महिलाओं को हिरासत में लेकर बस के जरिए अन्य स्थान पर छोड़ दिया।

हम शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने गए थे 

प्रदर्शन के दौरान रीना बोरासी सेतिया ने कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से BJP कार्यालय जाकर प्रतीकात्मक विरोध करना चाहती थीं, लेकिन पुलिस ने उनके साथ आरोपियों जैसा व्यवहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें कई बार धक्का दिया गया, जिससे वे सड़क पर गिर गईं और उन्हें चोट आई। उन्होंने कहा कि उनकी मांग सिर्फ इतनी है कि महिलाओं को उनका अधिकार मिले और लोकसभा व विधानसभा में उनकी भागीदारी बढ़े।

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धक्का-मुक्की में कपड़े फटे

महासचिव रूपाली शर्मा ने आरोप लगाया कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के साथ दुर्व्यवहार किया। उन्होंने कहा कि धक्का-मुक्की के दौरान उनके कपड़े फट गए और उन्हें जमीन पर गिरा दिया गया। उन्होंने कहा कि उनकी मांग है कि लोकसभा की 543 सीटों पर महिला आरक्षण लागू किया जाए, लेकिन सरकार इस मुद्दे पर गुमराह कर रही है।

 



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