ग्वालियर जिला अस्पताल में अमरनाथ यात्रा मेडिकल सर्टिफिकेट के लिए अव्यवस्था चरम पर रही। लंबी कतार, सीमित डॉक्टर और जांच में देरी के कारण आवेदकों के बीच …और पढ़ें

Publish Date: Thu, 16 Apr 2026 08:54:39 AM (IST)Updated Date: Thu, 16 Apr 2026 08:54:39 AM (IST)

अमरनाथ यात्रा के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाने पहुंचे आवेदकों में जमकर चले लात-घूंसे, दिखी अव्यवस्थाएं
मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाने पहुंचे श्रद्धालुओं को अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ा। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. मेडिकल सर्टिफिकेट के लिए अस्पताल में भारी भीड़ और अव्यवस्था
  2. लाइन में विवाद बढ़ा, आवेदकों के बीच जमकर मारपीट हुई
  3. सिर्फ दो डॉक्टर होने से प्रक्रिया बेहद धीमी और परेशानियां

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। अमरनाथ यात्रा के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाने पहुंचे श्रद्धालुओं को जिला अस्पताल मुरार में भारी अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि यह प्रक्रिया श्रद्धालुओं के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं रह गई है। बुधवार को स्थिति तब और बिगड़ गई, जब लंबी कतारों और धीमी प्रक्रिया से नाराज आवेदकों के बीच मारपीट हो गई। मामला इतना बढ़ गया कि मौके पर मुरार पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।

अस्पताल में सुबह से ही आवेदकों की भीड़ उमड़ रही है। पहले पर्चा बनवाने के लिए लंबी लाइन और फिर डॉक्टर तक पहुंचने में ही दो से तीन घंटे का समय लग रहा है। इसके बाद ईसीजी और एक्स-रे जैसी जांचों के लिए अलग से लंबा इंतजार करना पड़ता है। कई बार ऐसा हो रहा है कि जांच का नंबर आने तक ओपीडी का समय खत्म हो जाता है, जिससे श्रद्धालुओं को अगले दिन फिर से पूरी प्रक्रिया दोहरानी पड़ रही है।

ईसीजी लाइन में विवाद

बुधवार को ईसीजी कक्ष के बाहर लाइन में लगने को लेकर विवाद शुरू हुआ, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गया। आवेदकों के बीच लात-घूंसे चलने लगे। स्थिति बिगड़ती देख अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस को बुलाया, जिसके बाद मामला शांत कराया गया।

सीमित डॉक्टरों के कारण बढ़ी परेशानी

अव्यवस्था का मुख्य कारण अमरनाथ श्राइन बोर्ड का निर्णय बताया जा रहा है, जिसके तहत जिले में केवल दो डॉक्टरों को ही मेडिकल प्रमाण पत्र जारी करने के लिए अधिकृत किया गया है। इससे पूरे जिले के श्रद्धालु जिला अस्पताल मुरार पर ही निर्भर हो गए हैं, जिससे यहां भीड़ और दबाव लगातार बढ़ रहा है।

वैकल्पिक केंद्रों पर संशय

अस्पताल प्रबंधन ने भीड़ कम करने के लिए हजीरा सिविल अस्पताल, हाई कोर्ट डिस्पेंसरी, लधेड़ी और वीरपुर पीएचसी के डॉक्टरों के नाम नोटिस बोर्ड पर चस्पा किए हैं। हालांकि, इन केंद्रों की मान्यता को लेकर संशय बना हुआ है, क्योंकि श्राइन बोर्ड से औपचारिक अनुमति अभी तक नहीं मिली है। इसी कारण श्रद्धालु दूसरे अस्पतालों में जाने से बच रहे हैं।

प्रशासन ने मांगी अतिरिक्त अनुमति

सिविल सर्जन डॉ. आरके शर्मा के अनुसार, व्यवस्था सुधारने के लिए अन्य केंद्रों के डॉक्टरों को अधिकृत करने हेतु संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं के माध्यम से श्राइन बोर्ड को पत्र भेजा गया है। उनका कहना है कि जल्द अनुमति मिलने पर भीड़ का दबाव कम किया जा सकेगा।

श्रद्धालुओं की बढ़ती नाराजगी

श्रद्धालुओं का कहना है कि सुबह से लाइन में लगने के बावजूद उनका काम पूरा नहीं हो पा रहा है। कई लोगों को बार-बार ग्वालियर आना पड़ रहा है, जिससे समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि जल्द व्यवस्था में सुधार कर राहत दी जाए।



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