डबरा में 7 वर्षीय बालिका से दुष्कर्म और हत्या के दोषी शेरू जाटव को पॉक्सो कोर्ट ने मृत्युदंड दिया। पुलिस की मजबूत जांच और साक्ष्यों से अपराध सिद्ध हुआ …और पढ़ें

Publish Date: Thu, 16 Apr 2026 08:41:43 AM (IST)Updated Date: Thu, 16 Apr 2026 08:41:43 AM (IST)

7 साल की बच्ची से दुष्कर्म के बाद की थी हत्या, पुलिस ने ऐसे पकड़ा था दुष्कर्मी; पढ़ें स्टोरी
7 वर्षीय बालिका से दुष्कर्म के बाद की गई थी हत्या। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. दोषी पाए गए आरोपी को मृत्युदंड की सजा
  2. मामला छह फरवरी 2023 का है

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। डबरा के पॉक्सो एक्ट न्यायालय ने 7 वर्षीय बालिका से दुष्कर्म और हत्या के मामले में दोषी पाए गए शेरू जाटव को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। यह मामला भितरवार अनुभाग के करहिया थाना क्षेत्र का है। घटना छह फरवरी 2023 की है।

पीड़िता के पिता ने करहिया थाना पुलिस को सूचना दी थी कि उनकी 7 साल की बेटी रात में गांव में बरात देखने गई थी, लेकिन बहुत देर तक नहीं लौटी। बहुत खोजबीन करने पर पता चला कि बच्ची को आखिरी बार शेरू जाटव के साथ देखा गया था। परिजन ने शेरू से पूछा, तो बताया कि उसने बच्ची को पिछोर में अपने साढू के घर छोड़ दिया है।

करहिया थाना पुलिस पिछोर पहुंची, तो बच्ची वहां नहीं मिली। आरोपी की कहानी झूठी साबित हुई। उसके बाद पुलिस ने शेरू को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की। आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। उसके बाद हत्या कर शव को खेत में फेंक दिया। पुलिस ने तत्काल आरोपी के बताए स्थान से बच्ची का शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

दुष्कर्म व हत्या का किया मामला दर्ज

  • करहिया थाना पुलिस ने आरोपी शेरू जाटव के खिलाफ दुष्कर्म और हत्या की धाराओं में मामला दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया था। इस मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट विक्रम भार्गव के न्यायालय में चल रही थी।
  • इस मामले में न्यायालय ने बुधवार को अपना फैसला सुनाते हुए आरोपी शेरू पुत्र पातीराम जाटव को मृत्युदंड यानी फांसी की सजा सुनाई। उस पर 7 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
  • पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने में इनकी रही भूमिका

    इस मामले में एडीपीओ हेमी गुप्ता ने न्यायालय में पैरवी की। इस घटनाक्रम की विवेचना तत्कालीन भितरवार एसडीओपी अभिनव कुमार बारंगे और तत्कालीन करहिया थाना प्रभारी उप निरीक्षक अजय सिंह सिकरवार ने की थी। उन्होंने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सबूत जुटाकर न्यायालय में चालान पेश किया था।



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