भोपाल में मंगलवार को मध्यप्रदेश विधानसभा की नवगठित समितियों की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने अपने संबोधन में विधानसभा की भूमिका को मां के समान बताते हुए कहा कि जिस तरह मां अपने बच्चों का पालन-पोषण करती है, उसी तरह जनप्रतिनिधियों को प्रदेश की जनता के हित में कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि सदस्य अपने दायित्व को पूरी गंभीरता से नहीं निभाते, तो उनकी भूमिका अधूरी रह जाती है। प्रदेश की आठ करोड़ जनता के कल्याण को ध्यान में रखकर काम करना हर जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी है। तोमर ने समितियों की बैठकों में अनुपस्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि नियमित बैठकें होना जरूरी है। उन्होंने सुझाव दिया कि हर समिति की साल में कम से कम 12 बैठकें हों, ताकि विधानसभा के कार्यों में सुधार हो सके और सदस्यों का ज्ञान भी बढ़े।
