ग्वालियर में सड़क निर्माण कार्य लंबित रहने से नाराज भाजपा पार्षद अपर्णा पाटिल ने गड्ढे में बैठकर धरना दिया। …और पढ़ें

HighLights
- स्थानीय लोग भी धरने में शामिल हुए
- अपर आयुक्त के आश्वासन पर काम शुरू हुआ
- पार्षद ने राजनीतिक भेदभाव के आरोप लगाए
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर: शहर में सड़कों की बदहाली और नगर निगम के अधिकारियों की लापरवाही के चलते अब पार्षदों को धरना देने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। सोमवार को बसंत विहार कालोनी के अंदर से होकर चेतकपुरी तक सड़क निर्माण कार्य न होने से नाराज वार्ड 58 से भाजपा पार्षद अपर्णा पाटिल ने सड़क पर बैठकर ही धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।
भाजपा पार्षद अपर्णा पाटिल तपती धूप में गड्ढे में बैठ गईं और उनके साथ स्थानीय निवासी भी धरना देने लगे। बाद में अपर आयुक्त ने उनसे चर्चा की और शाम को मौके पर काम की शुरुआत भी कराई गई। धरने के दौरान पार्षद ने आरोप लगाए कि रोड निर्माण के लिए टेंडर और वर्क ऑर्डर जारी होने के बावजूद काम शुरू नहीं किया गया।
अपर्णा पाटिल ने इसे राजनीतिक भेदभाव बताते हुए कहा कि ग्वालियर में कांग्रेस की नगर सरकार भाजपा पार्षदों के वार्डों में जानबूझकर विकास कार्य रोक रही है। उन्होंने कहा कि मैं तीन साल से इस सड़क के निर्माण के लिए प्रयास कर रही हूं। उन्होंने चेतावनी भी दी कि यदि 10 दिन के अंदर सड़क का निर्माण शुरू नहीं हुआ, तो वह ऐसा कदम उठाएंगी जो नगर निगम इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ होगा।
हालांकि, उन्होंने अपने अगले कदम का खुलासा नहीं किया। पार्षद के गड्ढे में बैठने की सूचना पर अपर आयुक्त ने उनसे चर्चा की। वहीं शाम के समय मौके पर काम की शुरूआत भी कराई गई।
पहले भी दे चुकी हैं धरना
- पार्षद अपर्णा पाटिल ने वर्ष 2022 में आवारा मवेशियों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया था।
- वार्ड में बोरिंग खराब होने पर धरना प्रदर्शन किया था।
- इसी रोड का निर्माण शुरू न होने को लेकर भी वे धरना दे चुकी हैं।
- स्ट्रीट लाइट की समस्या को लेकर स्मार्ट सिटी कार्यालय में धरना दिया था।
- साइंस कालेज से लेकर विवेकानंद नीडम पुल के बीच शराबखोरी के चलते पुलिस को चुनौती देते हुए धरना दिया था।
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