ग्वालियर से नागपुर तक 569 किमी सिक्स लेन कारिडोर की तैयारी शुरू हुई है। 40 हजार करोड़ लागत वाले प्रोजेक्ट से उत्तर से दक्षिण तक माल परिवहन तेज होगा। …और पढ़ें

HighLights
- ग्वालियर नागपुर 569 किमी सिक्स लेन कारिडोर।
- 40 हजार करोड़ रुपये अनुमानित परियोजना लागत।
- एनएचएआइ ने डीपीआर प्रक्रिया शुरू की।
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की घोषणा के बाद ग्वालियर से बैतूल होते हुए नागपुर तक नए हाईवे कारिडोर को आकार देने की प्रक्रिया तेज हो गई है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर प्रारंभिक काम शुरू कर दिया है।
फिलहाल National Highways Authority of India के माध्यम से सिवनी के पास लखनादौन और खवासा के बीच ब्लैक स्पॉट खत्म करने, अंडरपास और आवश्यक पुल निर्माण के लिए सलाहकार एजेंसी चयन की प्रक्रिया जारी है।
569 किमी लंबा सिक्स लेन हाईवे
प्रस्तावित कारिडोर मुरैना, ग्वालियर, शिवपुरी, अशोकनगर, विदिशा, भोपाल, रायसेन, नर्मदापुरम और बैतूल से होते हुए नागपुर तक जाएगा। करीब 569 किमी लंबे इस सिक्स लेन हाईवे की अनुमानित लागत 40 हजार करोड़ रुपये तय की गई है। एनएचएआइ के अनुसार जल्द ही अलाइनमेंट और डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट को अंतिम रूप दिया जाएगा। यह भी मंथन चल रहा है कि परियोजना ग्रीनफील्ड अलाइनमेंट पर बनेगी या मौजूदा सड़क का चौड़ीकरण किया जाएगा।
दिल्ली से नागपुर तक सीधा कनेक्शन
संभावना जताई जा रही है कि इस कारिडोर को आगरा ग्वालियर के बीच प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा। ऐसा होने पर यह मार्ग सीधे दिल्ली से नागपुर तक जुड़ जाएगा और राष्ट्रीय स्तर पर एक मजबूत परिवहन धुरी के रूप में उभरेगा।
माल परिवहन को मिलेगा बढ़ावा
कारिडोर बनने से उत्तर भारत से महाराष्ट्र और दक्षिण भारत तक माल परिवहन की रफ्तार बढ़ेगी। आगरा ग्वालियर एक्सप्रेसवे के किनारे प्रस्तावित लॉजिस्टिक पार्क से दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश का माल ग्वालियर होते हुए महाराष्ट्र तक तेजी से पहुंच सकेगा। इससे औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियों को नया प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
