भोपाल में राजस्व वसूली को लेकर कमिश्नर ने सख्त रुख अपनाया है। लक्ष्य के मुकाबले कमजोर वसूली और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों की सैलरी काटने के निर्देश जारी किए गए हैं। कमिश्नर ने साफ कहा है कि अब काम नहीं तो वेतन नहीं की नीति पर कार्रवाई होगी।
वसूली तय समय में पूरी नहीं हो रही
समीक्षा बैठक में सामने आया कि कई जोनों और विभागों में कर वसूली तय समय में पूरी नहीं हो रही, नोटिस के बावजूद फील्ड स्तर पर कार्रवाई सुस्त है। इस पर नाराजगी जताते हुए कमिश्नर ने चेतावनी दी कि जिम्मेदारी तय कर वेतन कटौती के साथ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी। निर्देश दिए गए हैं कि डोर-टू-डोर वसूली, बड़े बकायादारों पर कार्रवाई और साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट अनिवार्य होगी। तय समय में सुधार नहीं होने पर कड़ी कार्रवाई तय मानी जाए।
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राजस्व वसूली में सुस्ती पड़ेगी भारी
राजस्व और संपत्ति कर वसूली की समीक्षा के दौरान आयुक्त ने वार्ड प्रभारियों से सीधे संवाद किया। वसूली और जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति असंतोषजनक पाए जाने पर कई वार्ड प्रभारियों पर कार्रवाई तय की गई।
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वार्ड प्रभारियों पर कार्रवाई
– वार्ड 47 प्रभारी को नोटिस
-वार्ड 24 और 14 के प्रभारी का स्थानांतरण
– वार्ड 11 प्रभारी का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश
– आयुक्त ने स्पष्ट किया कि बड़े बकायादारों की संपत्तियों पर कुर्की में अब कोई ढिलाई नहीं होगी।
