भिंड जिले में रिटायर्ड शिक्षक प्रेम सिंह कुशवाह को डिजिटल अरेस्ट कर 29 लाख 50 हजार रुपये की ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित रिटायर्ड शिक्षक की शिकायत पर शहर कोतवाली पुलिस ने अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

मीरा कॉलोनी निवासी रिटायर्ड शिक्षक प्रेम सिंह कुशवाह के मोबाइल पर अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने स्वयं को साइबर क्राइम/कानून प्रवर्तन एजेंसी का अधिकारी बताते हुए कहा कि उनके नाम से संदिग्ध लेनदेन हुआ है और वे एक गंभीर मामले में फंसे हुए हैं। इसके बाद ठगों ने वीडियो कॉल के माध्यम से उन्हें डराया धमकाया और जांच पूरी होने तक घर से बाहर न निकलने और किसी से संपर्क न करने की हिदायत दी, जिसे डिजिटल अरेस्ट बताया गया।

ठगों ने गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई का भय दिखाकर अलग-अलग खातों में रकम ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया। डर के कारण रिटायर्ड शिक्षक ने अपनी जीवन भर की जमा पूंजी सहित कुल 29 लाख 50 हजार रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर दिए। बाद में परिजनों से चर्चा करने पर उन्हें ठगी का एहसास हुआ, जिसके बाद उन्होंने शहर कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई।

ये भी पढ़ें- सोशल मीडिया से हटाएं हाईकोर्ट लाइव स्ट्रीमिंग के विवादित लिंक, 48 घंटों दिया समय

रिटायर्ड टीचर प्रेम सिंह कुशवाह ने बताया कि 7 जनवरी की दोपहर मेरे कॉलोनी में एक गमी हो गई थी। मैं शव यात्रा में शामिल होकर अर्थी के पीछे-पीछे जा रहा था। तभी मेरे मोबाइल की घंटी बजी। मैंने फोन रिसीव किया। फोन पर बोलने वाले व्यक्ति ने स्वयं को दिल्ली से भारत सरकार का इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर बताया। व्यक्ति ने कहा कि आपने मनी लॉन्ड्रिंग में करोड़ों रुपये का लेन-देन किया है। संजय राउत जो कि इस केस का मास्टर माइंड हैं, उसने आपका नाम बताया था। इस केस में 47 लोगों की लिस्ट है, जिसमें अंतिम नाम आपका है।

रिटायर्ड टीचर ने कहा कि मैं कुछ भी समझ नहीं पाया। इसी समय उसने कहा कि आपको गिरफ्तारी देनी होगी। मैंने कहा कि मैंने कुछ नहीं किया। इस पर उसने कहा कि आपका खाता मुंबई के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के केनरा बैंक में है। मैंने कहा कि मैं कभी मुंबई नहीं गया। इस समय मैं अर्थी के पीछे-पीछे श्मशान की ओर जा रहा था। तभी ठग बोला बहुत शोरगुल हो रहा है। आप तत्काल घर पहुंचें और ऑनलाइन मुझसे बातचीत करें। करीब तीन घंटे की बातचीत के बाद मैंने खाना खाने के लिए बोला तो उसने एक घंटे का समय दिया। खाना खाने से पहले उसने मुझसे पूछा कि किस देवी देवता को मानते हो। मैंने कहा मैं सभी को मानता हूं। मैं गमी में जा रहा था, मैंने अब तक नहाया भी नहीं है। इस पर उसने कहा कि रामचरित मानस उठाओ। उस पर हाथ रखो कि किसी को कुछ नहीं बताओगे, नहीं तो केस खराब हो जाएगा और तुम पूरी तरह फंस जाओगे। इस पर मैंने कसम खा ली।

इस पर उसने कहा कि आपका केस अलग प्रकार का है। उसने इस समय यह भी कहा कि बैंगलूर की डॉ. श्वेता भी ऐसे केस में फंस गई थीं। वह ट्रेन से सफर कर रही थी। तभी संजय राउत के लोग बहुत खतरनाक हैं। उसने उस महिला डॉक्टर को ट्रेन के अंदर ही मरवा दिया है। तुम अगर घर के बाहर निकले या किसी को बताया तो तुम्हारा भी मर्डर हो सकता है।

ये भी पढ़ें- ट्रेन में महिला यात्री से की थी बदसलूकी, सुप्रीम कोर्ट ने अधिकारी को फटकारा, हाईकोर्ट के आदेश पर लगाई रोक

इसके तीसरे दिन मुझसे बोला कि किसी को बताए बिना सीधे बैंक पहुंचो। आपके खाते में 29 लाख 50 हजार हैं। ये सिक्योरिटी मनी जमा करनी होगी न्यायालय के खाते में। तभी आपका क्लियरेंस जारी होगा। यही एक प्रक्रिया है। आगामी 48 घंटे में आपका क्लियरेंस सर्टिफिकेट जारी हो जाएगा, तब तक किसी के संपर्क में मत आना, लगातार ऑनलाइन संपर्क में रहना। उसके बाद उन्होंने मोबाइल बंद कर लिए और संपर्क नहीं हुआ।

पुलिस ने प्राथमिक जांच में बताया कि मेरे द्वारा जिस खाते में रुपये भेजे गए, वह गुजरात के बड़ोदरा का खाता धारक है। इस खाते से अब तक 20 खातों में यह पैसा ट्रांसफर किए जाने की जानकारी लगी है। इस पूरे मामले में सिटी कोतवाली थाना टीआई ब्रजेंद्र सेंगर का कहना है कि रिटायर्ड टीचर की शिकायत पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आगे की विवेचना शुरू कर दी गई है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *