मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की आधिकारिक एंट्री में अभी करीब दो सप्ताह का समय है, लेकिन प्री-मानसून गतिविधियों ने मौसम का पूरा मिजाज बदल दिया है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में लगातार आंधी, बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि का दौर जारी है। गुरुवार को भी मौसम विभाग ने 39 जिलों में तेज हवाओं और बारिश का अलर्ट जारी किया है।

इन जिलों में ओलावृष्टि की संभावना

मौसम विभाग के अनुसार नीमच, श्योपुर, मुरैना, टीकमगढ़ और छतरपुर जिलों में 60 किलोमीटर प्रतिघंटा तक की रफ्तार से आंधी चल सकती है। इन क्षेत्रों में ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है। वहीं भोपाल, उज्जैन, नर्मदापुरम, जबलपुर, सागर और रीवा संभाग के अन्य जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और 50 किलोमीटर प्रतिघंटा तक की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है।

बारिश के बीच कई शहरों में 40 डिग्री के पार तापमान

बुधवार को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश हुई, लेकिन कुछ शहरों में गर्मी का असर भी बना रहा। रतलाम प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। खरगोन में 41.8, राजगढ़ में 40.6, खंडवा और मलाजखंड में 40.5, सागर और खजुराहो में 40.3 तथा नरसिंहपुर में 40.2 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। बड़े शहरों में भोपाल का अधिकतम तापमान 39.4 डिग्री, इंदौर का 38.5 डिग्री, ग्वालियर का 38.9 डिग्री, उज्जैन का 39.5 डिग्री और जबलपुर का 39.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

नौतपा में नहीं दिखी तीखी गर्मी

इस बार नौतपा के दौरान प्रदेश में मौसम सामान्य वर्षों से अलग रहा। 25 मई से 2 जून तक चले नौतपा में अधिकांश दिनों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का असर देखने को मिला। लगातार बदले मौसम के कारण लू का प्रभाव सीमित रहा और कई शहरों में तापमान 40 डिग्री से नीचे बना रहा।

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भोपाल में लगातार बदला रहा मौसम

राजधानी भोपाल में भी नौतपा के दौरान मौसम लगातार बदला रहा। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार पिछले 14 वर्षों में नौतपा के दौरान सात बार बारिश दर्ज की गई है। इस वर्ष भी नौतपा की शुरुआत से ही बूंदाबांदी और बादलों का असर देखने को मिला।

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20 जून के बाद मानसून की उम्मीद

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार वर्तमान में ट्रफ लाइन और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हैं, जिसके कारण प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां बनी हुई हैं। मानसून की रफ्तार अपेक्षाकृत धीमी रहने से इस बार मध्य प्रदेश में इसकी एंट्री सामान्य तिथि से 5 से 7 दिन देरी से हो सकती है। अनुमान है कि मानसून 20 से 22 जून के बीच प्रदेश में दस्तक देगा।

 



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