भोपाल मेट्रो के प्राथमिक कॉरिडोर के तहत इस माह आठ स्टेशनों के बीच सेवा शुरू होने जा रही है, लेकिन शुरुआती दौर में मेट्रो को अपेक्षाकृत कम यात्री मिलने की संभावना जताई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सीमित दूरी और चरणबद्ध संचालन के कारण यात्री मेट्रो को शुरू में कम प्राथमिकता देंगे। शुरुआती रूट केवल कुछ किलोमीटर तक सीमित है, ऐसे में लोग अपनी बाइक या निजी वाहन छोड़कर मेट्रो से छोटी दूरी तय करना जरूरी नहीं समझेंगे।अधिकारी के मुताबिक जब तक पूरे शहर को जोड़ने वाली पूर्ण कनेक्टिविटी नहीं मिलेगी, तब तक मेट्रो में बड़ा यात्रीभार नहीं आएगा। भोपाल में मेंट्रो के संचालन को लेकर अंतिम तैयारियां चल रही है। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार 13 दिसंबर से भोपाल में मेट्रो का कमर्शियल रन शुरू हो सकता है। 

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7.5 किमी प्रायोरिटी कॉरिडोर से होगी शुरुआत

शुरुआत में मेट्रो 7.5 किलोमीटर लंबे प्रायोरिटी कॉरिडोर पर चलाई जाएगी। यह कॉरिडोर सुभाष नगर से एम्स तक प्रस्तावित है। जब पूरा 16.74 किलोमीटर लंबा ऑरेंज लाइन रूट (एम्स से करोंद तक) तैयार हो जाएगा, तब मेट्रो की फ्रीक्वेंसी बढ़ाकर हर 10 मिनट में एक ट्रेन की जाएगी। प्रारंभिक चरण में मेट्रो ट्रेनों का संचालन हर 30 मिनट के अंतराल पर किया जाएगा। इस दौरान सुभाष नगर से एम्स और एम्स से सुभाष नगर के बीच प्रतिदिन 25-25 फेरों का प्रस्ताव है।

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महिलाओं, छात्रों और सीनियर सिटीजन को मिलेगी विशेष छूट?

भोपाल मेट्रो में महिलाओं, विद्यार्थियों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग-अलग छूट योजनाएं लागू करने की तैयारी चल रही है। इंदौर मेट्रो में पहले तीन महीनों तक 25 प्रतिशत किराया छूट दी गई थी। इसी तर्ज पर भोपाल में भी स्कीम लागू हो सकती है। हालांकि इसका अंतिम निर्णय टिकट फेयर कमेटी द्वारा लिया जाएगा। जानकारी के अनुसार, भोपाल में मेट्रो का संचालन सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक किए जाने का प्रस्ताव है। इससे पहले इंदौर में रात 9 बजे तक सेवा थी, लेकिन कम यात्रियों के चलते संचालन का समय घटाना पड़ा था।

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मेट्रो परियोजना का काम 2028 तक होगा पूरा 

इंदौर मेट्रो की तर्ज पर भविष्य में भोपाल मेट्रो को राजा भोज एयरपोर्ट से जोड़ने की योजना भी बनाई गई है। इसके लिए एक व्यापक मोबिलिटी प्लान तैयार किया गया है, जिसमें राजधानी के प्रमुख क्षेत्रों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। भोपाल मेट्रो परियोजना का काम जून 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके बाद शहर को एंड-टू-एंड मेट्रो कनेक्टिविटी मिल सकेगी, जिससे यात्री संख्या में बड़ा इजाफा होने की उम्मीद है।

 



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