राजधानी भोपाल के निशातपुरा थाना क्षेत्र में स्थित अमन कॉलोनी ईरानी डेरे के 34 बदमाशों, आरोपियों को भोपाल पुलिस ने गत दिवस लंबी मशक्कत के बाद एक साथ गिरफ्तार किया था। यह बदमाश इतने शातिर हैं कि इन्होंने फर्जी और मृत लोगों के दस्तावेजों के साथ लोगों को जमानतदार बनाकर जमानत करा ली है। शातिरों ने भोपाल जिला अदालत में फर्जी जमानतदारों को खड़ा करके गिरोह के 14 आरोपियों को जमानत दिलवा दी है। जांच में सामने आया कि जमानत के लिए उन व्यक्तियों के दस्तावेज लगाकर खड़ा किया गया था, जो दो साल पहले मर हो चुके हैं। पुलिस अब इस फर्जीवाड़े में फर्जी जमानत का गिरोह संचालित करने वालों की तलाश कर रही है। जल्दी ही उनके खिलाफ भी प्रकरण दर्ज किए जाने की संभावना है।
जनकारी के अनुसार 27-28 दिसंबर की दरमियानी देर रात से अल सुबह तक भोपाल पुलिस ने अमन कॉलोनी ईरानी डेरे पर सैकड़ों पुलिसकर्मियों के साथ छापा मारा था। पुलिस टीम पर हमला भी हुआ, लेकिन कॉलोनी के बाहर पुलिस की बैकअप टीम मौजूद थी। इसलिए पुलिसकर्मियों को जैसे ही घेरकर पथराव शुरू किया गया, पीछे से पुलिस की दूसरी टीमें पहुंच गईं और पुलिसकर्मियों को सुरक्षित निकाल लिया गया।
पुलिस ने 24 पुरूषों और 10 महिलाओं को गिरफ्तार किया था। आरोपियों के खिलाफ बलवा, शासकीय कार्य में बाधा, मारपीट, तोड़फोड़ और संगठित अपराध जैसी गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया। गिरफ्तार किए गए कुल आरोपी पहले भी दूसरे शहरों और राज्यों में चोरी, लूट और ठगी की वारदातों में संलिप्त रह चुके थे।
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दो साल पहले मृत जीमल खान को बनाया जमानतदार
भोपाल जिला अदालत में 5 जनवरी को जीमल खान नाम के एक व्यक्ति को खड़ा कर उसके नाम के जमीन के दस्तावेज लगाकर ईरानी गैंग के दस आरोपियों को जमानत दिलाई। जमानत मिलने के बाद पुलिस ने पड़ताल की तो पता चला कि जिस जमील खान की जमीन के फर्जी दस्तावेज लगाकर जमानत दिलाई गई है वह जीमल खान दो साल पहले ही मर चुका है। 6 जनवरी को भी चार आरोपियों को इसी तरह फर्जी जमानतदार खड़ा कर जमानत दिलाई गई है।
