भोपाल नगर निगम की 13 जनवरी को होने वाली परिषद बैठक में इस बार सियासी माहौल गरम रहने के आसार हैं। शहर में आपूर्ति हो रहे गंदे और दूषित पानी को लेकर विपक्ष आक्रामक रुख अपनाने की तैयारी में है। वहीं, इसी बैठक में तीन ऐसे प्रस्ताव भी रखे जाएंगे, जिन पर मुहर लगते ही लाखों शहरवासियों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है। बैठक का एजेंडा जारी कर दिया गया है और नगर निगम प्रशासन भी संभावित हंगामे को देखते हुए तैयारी में जुटा है।
गंदे पानी पर सरकार से मांगे जाएंगे जवाब
विपक्ष का आरोप है कि कई इलाकों में बदबूदार और प्रदूषित पानी की सप्लाई हो रही है, जिससे नागरिकों के स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है। कांग्रेस पार्षदों का कहना है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद जल की गुणवत्ता में सुधार नहीं हो रहा। इसी मुद्दे को लेकर बैठक में सवाल-जवाब और तीखी बहस होने की संभावना है। पिछली निगम बैठकों में भी जलप्रदाय व्यवस्था को लेकर भारी हंगामा हो चुका है।
तीन बड़े एजेंडे, जिन पर रहेगी सबकी नजर
1- पहला प्रस्ताव 829 कॉलोनियों में बल्क कनेक्शन की जगह व्यक्तिगत घरेलू नल कनेक्शन देने से जुड़ा है। इस प्रस्ताव को यदि मंजूरी मिलती है तो लंबे समय से चली आ रही लोगों की मांग पूरी होगी।
2- दूसरा प्रस्ताव मैरिज रजिस्ट्रेशन शुल्क में बड़ी कटौती का है। प्रस्ताव के मुताबिक 30 दिन के भीतर विवाह पंजीयन कराने पर अब सिर्फ 130 रुपए शुल्क देना होगा।
3- तीसरा प्रस्ताव केंद्र सरकार की अमृत 2.0 योजना से जुड़ा है, जिसमें ग्रीन म्युनिसिपल बॉन्ड के जरिए अंशदान जुटाने का रास्ता अपनाया जाएगा।
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व्यक्तिगत कनेक्शन पर शहर सरकार का बड़ा दांव
बल्क कनेक्शन की बाध्यता हटाने का प्रस्ताव राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है। बीजेपी ने इसे निगम चुनाव में वादा किया था, जबकि कांग्रेस भी लंबे समय से इस मांग को उठाती आ रही है। यदि प्रस्ताव पारित होता है तो इसे शहर सरकार का बड़ा फैसला माना जाएगा।
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हंगामे के बीच फैसलों की परीक्षा
एक ओर गंदे पानी को लेकर विपक्ष नगर निगम को कटघरे में खड़ा करेगा, तो दूसरी ओर प्रशासन तीन अहम एजेंडों को पारित कराने की कोशिश करेगा। ऐसे में 13 जनवरी की बैठक में हंगामे और फैसलों दोनों की परीक्षा होगी।
