अगस्त माह से शुरू होने वाले इस विशेष प्रशिक्षण शिविर में पहले चरण में करीब एक हजार वाहन चालकों सहित पंडे और पुजारियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रशिक…और पढ़ें

Publish Date: Sat, 27 Jun 2026 08:27:21 AM (IST)Updated Date: Sat, 27 Jun 2026 08:27:21 AM (IST)

सिंहस्थ 2028 में श्रद्धालुओं का हाथ थामेंगे 1000 पर्यटक मित्र, मुफ्त ट्रेनिंग के साथ हर दिन मिलेगा 400 से 500 रुपये स्टाइपेंड
सिंहस्थ 2028 में श्रद्धालुओं का हाथ थामेंगे 1000 पर्यटक मित्र (AI से जनरेट इमेज)

HighLights

  1. सिंहस्थ 2028 में श्रद्धालुओं का हाथ थामेंगे 1000 पर्यटक मित्र
  2. स्मार्ट क्लासेस में मिलेगी ट्रेनिंग के संग सरकार से मान्यता भी
  3. मुफ्त ट्रेनिंग के साथ हर दिन मिलेगा 400 से 500 रुपये स्टाइपेंड

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। सिंहस्थ-2028 और प्रदेश में पर्यटन को नई पहचान देने की तैयारी के तहत ग्वालियर स्थित भारतीय पर्यटन एवं यात्रा प्रबंधन संस्थान (आईआईटीटीएम) में पर्यटक मित्र प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। अगस्त माह से शुरू होने वाले इस विशेष प्रशिक्षण शिविर में पहले चरण में करीब एक हजार वाहन चालकों सहित पंडे और पुजारियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। तीन से सात दिन तक चलने वाले इस प्रशिक्षण का आयोजन आईआईटीटीएम परिसर में प्रस्तावित है, जहां प्रतिभागियों को स्मार्ट ऑडियो-वीडियो क्लासरूम और व्यवहारिक सत्रों के माध्यम से आधुनिक पर्यटन सेवाओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

प्रशिक्षण में यह होगा खास

प्रभारी निदेशक प्रो. मोनिका प्रकाश ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान वाहन चालकों को केवल सुरक्षित ड्राइविंग ही नहीं, बल्कि पर्यटकों के साथ शालीन व्यवहार, अतिथि सत्कार, प्रभावी संवाद, पुलिस सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया, अस्पतालों सहित अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने के मार्ग, शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों और आपातकालीन परिस्थितियों में सहायता उपलब्ध कराने जैसे विषयों की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। प्रतिभागियों को फील्ड विजिट भी कराई जाएगी, ताकि वे वास्तविक परिस्थितियों में पर्यटकों की सहायता करना सीख सकें।

बेरोजगार युवाओं को भी प्राथमिकता

इस योजना का दायरा केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहेगा। पर्यटन क्षेत्र में रुचि रखने वाले बेरोजगार युवाओं को भी पर्यटक मित्र के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके बाद उनका पंजीयन किया जाएगा, जिससे आवश्यकता पड़ने पर सरकार उनकी सेवाएं ले सकेगी। इसके एवज में उन्हें निर्धारित मानदेय भी दिया जाएगा। प्रशिक्षण अवधि में प्रतिभागियों को प्रतिदिन 400 से 500 रुपये का स्टाइपेंड देने का भी प्रस्ताव है, ताकि प्रशिक्षण के दौरान होने वाली आय की क्षति की भरपाई हो सके।

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समन्वयक डा. चंद्रशेखर बरुआ ने बताया कि प्रशिक्षण आइआइटीटीएम परिसर में ही आयोजित किया जाएगा। प्रतिभागियों के ठहरने और भोजन की व्यवस्था संस्थान में रहेगी। अत्याधुनिक स्मार्ट क्लासरूम, विशेषज्ञ संकाय और व्यवहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से उन्हें पर्यटन सेवाओं के लिए तैयार किया जाएगा। नोडल अधिकारी डा. सौरभ दीक्षित के अनुसार, प्रशिक्षण प्रस्ताव मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड को भेजा जा चुका है। विशेषज्ञों द्वारा तकनीकी सत्रों में व्यवहार कौशल, संवाद, आपदा प्रबंधन, प्राथमिक उपचार और पर्यटक सहायता जैसे विषय पढ़ाए जाएंगे।



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