ग्वालियर में जागरण के दौरान पटाखा महिला की आंख में लगने से उसकी रोशनी चली गई। महीनों इलाज के बाद भी फायदा नहीं मिला। पुलिस ने अब एफआईआर दर्ज की है।

Publish Date: Fri, 26 Jun 2026 09:19:32 AM (IST)Updated Date: Fri, 26 Jun 2026 10:02:11 AM (IST)

रिश्तेदार के बेटे की लापरवाही से महिला की चली गई रोशनी, माता के जागरण में पटाखा आंख में लगा
लापरवाही से महिला की चली गई रोशनी। (एआई जनरेटेड)

HighLights

  1. जागरण में पटाखा महिला की आंख में उचटकर जा लगा।
  2. कई शहरों में इलाज के बावजूद रोशनी वापस नहीं लौटी।
  3. आरोपी को कई बार पटाखे चलाने से रोका गया था।

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। शहर के इंदरगंज इलाके में महिला की आंख में पटाखा उचटकर लगा, जिससे उसकी आंख की रोशनी तक चली गई। यह हरकत उसकी बहन के देवर के बेटे ने की। माता के जागरण में वह महिला के पास ही पटाखा चला रहा था। कई बार उसे रोका, लेकिन वह नहीं माना।

पटाखा महिला की आंख में लगा और इस हादसे ने उसके जीवन में अंधेरा कर दिया। चैन्न्ई तक महिला ने इलाज करवाया लेकिन आंख की रोशनी वापस नहीं आई। इस मामले में पुलिस ने गुरूवार को एफआइआर दर्ज की है।

बहन के देवर के लड़के की लापरवाही ने छीनी रोशनी

  • झांसी जिले में सदर थाना क्षेत्र के अंतर्गत धर्मशाला मोहल्ला में रहने वाली 45 वर्षीय वंदना रायकवार की बहन वर्षा गौड़ शिंदे की छावनी स्थित मातावाली गली में रहती हैं। वंदना 15 अप्रैल को अपने पति राजेंद्र रायकवार के साथ ग्वालियर आई थी। उसकी बहन के घर माता का जागरण का आयोजन था।
  • रात करीब 2 से 2.30 बजे वर्षा का देवर का बेटा हेमंत गौड़ वहां पटाखे चला रहा था। कई बार उसे रोका, लेकिन वह नहीं माना। पटाखा चलाता रहा। तभी एक पटाखा उचटकर वंदना की आंख में लगा, आंख जल गई।
  • उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया। यहां के बाद पहले दिल्ली फिर चैन्नई तक इलाज करवाया, लेकिन उसकी आंख की रोशनी नहीं लौटी। इस मामले में मेडिकल की रिपोर्ट के साथ इंदरगंज थाने में शिकायत की। पुलिस ने एफआइआर दर्ज कर ली है।
  • रिश्तेदार बोले- एफआईआर मत करो

    घटना के अगले ही दिन इंदरगंज थाना पुलिस अस्पताल पहुंची थी, लेकिन महिला व उसके परिजन ने एफआइआर न कराने की बात कही। यह लोग बोल रहे थे कि रोशनी आ जाएगी, फिर बीचे आरोपी ने इलाज में भी मदद नहीं की। अब इस मामले में एफआईआर दर्ज कराई है।

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    ऑप्टिक नर्व हुई डैमेज

    15 अपरैल को रात को महिला को भर्ती कराया गया था। 17 अप्रैल को उसकी छुट्टी हो गई, इसके पांच दिन बाद जांच हुई। इसमें सामने आया कि महिला की आंख की ऑप्टिक नर्व डैमेज हुई है। डॉक्टरों ने यहां से दिल्ली जाने को कहा, फिर चैन्नई तक कई डॉक्टरों से जांच कराई, लेकिन कोई आराम नहीं मिला।



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