ग्वालियर के शासकीय अध्यापक शिक्षा महाविद्यालय में हस्ताक्षर विवाद को लेकर प्रभारी प्राचार्य और शिक्षिका के बीच विवाद बढ़कर मारपीट तक पहुंच गया। दोनों …और पढ़ें

HighLights
- हस्ताक्षर विवाद को लेकर कॉलेज में हुआ जमकर हंगामा।
- प्राचार्य और शिक्षिका ने एक-दूसरे पर लगाए गंभीर आरोप।
- बहस बढ़कर गाली-गलौज और मारपीट तक पहुंच गई।
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। एक हस्ताक्षर को लेकर शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि शासकीय अध्यापक शिक्षा महाविद्यालय में प्रभारी प्राचार्य और शिक्षिका आमने-सामने आ गए। बहस देखते ही देखते गाली-गलौज और मारपीट तक पहुंच गई। मामला थाने पहुंचा तो पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर क्रास एफआइआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घटना तानसेन रोड स्थित शासकीय अध्यापक शिक्षा महाविद्यालय की है। कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य आदर्श कुमार पंडित ने पुलिस को बताया कि शिक्षिका मीनू शर्मा अपने पति गौरव शर्मा के साथ कॉलेज पहुंचीं। उपस्थिति से जुड़े दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने का दबाव बनाने लगीं।
उन्होंने नियमों का हवाला देते हुए हस्ताक्षर करने से इनकार किया, तो दोनों ने उनके साथ अभद्रता और मारपीट कर दी।
शिक्षिका ने किया अलग दावा
- दूसरी ओर, मुरैना में पदस्थ शिक्षिका मीनू शर्मा की कहानी इससे बिल्कुल अलग है। उनका कहना है कि वह शिक्षा विभाग से जारी आदेश की प्रति कॉलेज में देने गई थीं। उन्होंने प्रभारी प्राचार्य को आदेश की कॉपी सौंपने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने दस्तावेज लेने से इनकार कर दिया।
- उनके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की गई। मीनू का आरोप है कि उन्हें जमीन पर पटक दिया गया, जिससे उन्हें चोटें आईं। उनके पति ने बीच-बचाव कर उन्हें बचाया।
ये विवाद की असल वजह
- दरअसल, विवाद की जड़ प्रशिक्षणरत शिक्षकों का उपस्थिति पत्रक है। महाविद्यालय में प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज की जाती है। उसी के आधार पर डीडीओ को रिपोर्ट भेजी जाती है। यही रिपोर्ट प्रशिक्षण अवधि के वेतन निर्धारण का आधार बनती है।
मामले की जांच चल रही है- सीएसपी
सीएसपी नागेंद्र सिंह सिकरवार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल एक हस्ताक्षर को लेकर शुरू हुई यह लड़ाई कॉलेज परिसर से निकलकर पुलिस और कानूनी जांच तक पहुंच गई है।
