खास बात यह है कि एक ही विजिट के दौरान नागरिक एक से अधिक विषयों पर भी अपना फीडबैक दे सकते हैं।

HighLights
- स्कैन करते ही खुलेगा फॉर्म, पहचान रहेगी पूरी तरह गोपनीय
- काम में देरी या बदसलूकी होने पर लाइव फोटो अपलोड करने की सुविधा
- इमोजी रेटिंग और ‘हां या ना’ के सरल सवालों से दर्ज होगा फीडबैक
नईदुनिया प्रतिनिधि,ग्वालियर। मध्य प्रदेश सरकार के वाणिज्यिक कर विभाग ने करदाताओं की संतुष्टि, पारदर्शिता बढ़ाने और सरकारी कार्यालयों की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए एक अनूठी पहल की शुरुआत की है। विभाग द्वारा सभी क्षेत्रीय कार्यालयों में ‘क्यू आर फीडबैक प्रणाली’ को पूरी तरह से लागू कर दिया गया है। इस नई डिजिटल व्यवस्था के तहत अब कोई भी करदाता या आगंतुक दफ्तर की स्वच्छता और अधिकारियों व कर्मचारियों के आचरण को लेकर सीधे अपनी प्रतिक्रिया दर्ज करा सकेगा।
दिशा-निर्देश और यूजर मैन्युअल जारी
वाणिज्यिक कर आयुक्त कार्यालय द्वारा इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश और यूजर मैन्युअल जारी कर दिए गए हैं। आयुक्त अनय द्विवेदी द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, प्रदेश के सभी संभागीय उपायुक्त, अपीलीय उपायुक्त, आडिट, एंटी इवेजन ब्यूरो और वृत्त कार्यालयों में न्यूनतम 10 प्रमुख स्थानों पर क्यूआर कोड प्रदर्शित करना अनिवार्य कर दिया गया है। इस प्रणाली की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें फीडबैक देने वाले नागरिक की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
फार्म में नाम और मोबाइल नंबर लिखना पूरी तरह से वैकल्पिक रखा गया है। आगंतुक अपने मोबाइल कैमरे या किसी भी क्यूआर स्केनर एप से कोड को स्केन करके मात्र एक से दो मिनट के भीतर भरकर अपनी प्रतिक्रिया सबमिट कर सकते हैं। खास बात यह है कि एक ही विजिट के दौरान नागरिक एक से अधिक विषयों पर भी अपना फीडबैक दे सकते हैं।
तीन मुख्य विषयों पर ली जाएगी प्रतिक्रिया
फीडबैक फॉर्म को मुख्य रूप से तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया है।
- अधिकारी/कर्मचारी का व्यवहार: इसमें आगंतुक से पूछा जाएगा कि क्या अधिकारी ने उचित व्यवहार किया, क्या आवश्यक जानकारी देने से मना किया गया, या कार्य के लिए कितनी बार चक्कर काटने पड़े। इसमें बैठने की सुविधा और प्रतीक्षा समय से जुड़े प्रश्न भी शामिल हैं।
