तय नियम के मुताबिक कार का पार्किंग शुल्क 20 रुपये है, लेकिन कर्मचारियों ने सीधे 50 रुपये की रसीद काटकर डाक्टर साहब के हाथ में थमा दी। रसीद हाथ में आते…और पढ़ें

HighLights
- अधीक्षक ने पकड़ी चोरी, रसीद थमाते ही उड़ गए होश
- मोटी रकम भी लेंगे और गाड़ी चोरी की जिम्मेदारी भी नहीं
- ठेकेदार पर 50 हजार का जुर्माना, टेंडर निरस्त करने की तैयारी
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। अंचल के सबसे बड़े जया आरोग्य अस्पताल में इलाज कराने आने वाले मरीजों और उनके स्वजन से पार्किंग के नाम पर की जा रही खुली लूट का सोमवार को पर्दाफाश हुआ। पार्किंग में अवैध वसूली की लगातार मिल रही शिकायतों पर अस्पताल के सहायक अधीक्षक डॉ. एमएल माहौर ने खुद ही स्टिंग आपरेशन कर दिया। इस औचक कार्रवाई से पार्किंग ठेकेदार के स्टाफ में हड़कंप मच गया।
अवैध वसूली के खेल को खुद अपनी आंखों से देखने के लिए सहायक अधीक्षक डॉ. माहौर निजी कार (क्रमांक एमपी07 सीएल 1652) में सवार होकर जेएएच के पुराने परिसर की तरफ रवाना हुए। जैसे ही उनकी कार ने परिसर में प्रवेश किया, वहां तैनात पार्किंग कर्मचारियों ने गाड़ी को रोक लिया। तय नियम के मुताबिक कार का पार्किंग शुल्क 20 रुपये है, लेकिन कर्मचारियों ने सीधे 50 रुपये की रसीद काटकर डाक्टर साहब के हाथ में थमा दी। रसीद हाथ में आते ही जैसे ही डॉ. माहौर ने अपनी पहचान उजागर की, अवैध वसूली कर रहे कर्मचारियों के पसीने छूट गए।
गजब की दादागिरी… गाड़ी चोरी हुई तो हमारी जिम्मेदारी नहीं
इस स्टिंग आपरेशन में ठेकेदार की एक और बड़ी लापरवाही और मनमानी सामने आई है। पार्किंग के नाम पर अवैध और मोटी रकम वसूलने के बावजूद जो रसीद स्वजन को थमाई जा रही है, उस पर साफ-साफ लिखा है। वाहन चोरी होने या क्षतिग्रस्त (डैमेज) होने की स्थिति में ठेकेदार जिम्मेदार नहीं होगा।
यानी जनता से अवैध रूप से ढाई गुना ज्यादा रुपये भी वसूले जा रहे हैं और सुरक्षा के नाम पर ठेकेदार अपनी जिम्मेदारी से पूरी तरह पल्ला भी झाड़ रहा है। जेएएच जैसी संवेदनशील जगह पर, जहां लोग पहले से ही बीमारी और परेशानी से जूझ रहे होते हैं, वहां ऐसी दादागिरी रोजाना चल रही थी।
दूर-दराज से आने वाले मरीज सबसे ज्यादा परेशान
जेएएच में प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण और दूर-दराज के क्षेत्रों से मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। ऐसे लोगों के लिए अतिरिक्त पार्किंग शुल्क आर्थिक बोझ बन रहा है। वहीं मरीजों के स्वजन जब अधिक शुल्क वसूली या सुरक्षा संबंधी सवाल उठाते हैं, तो पार्किंग कर्मचारियों द्वारा अभद्र व्यवहार किया जाता है।
यह बेहद गंभीर मामला है। पार्किंग में मरीजों के स्वजन के साथ इस तरह की लूट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस राजफाश के बाद पार्किंग ठेकेदार पर तत्काल 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। साथ ही शर्तों के उल्लंघन और अवैध वसूली के आरोप में ठेकेदार का टेंडर निरस्त करने की वैधानिक कार्रवाई शुरू की जाएगी। – डॉ. सुधीर सक्सेना, अधीक्षक, जयाआरोग्य अस्पताल।
