रोशनी घर स्थित स्कॉडा हॉल में यह दृश्य कुछ देर के लिए चर्चा का विषय बना रहा। …और पढ़ें

Publish Date: Sat, 20 Jun 2026 10:30:22 AM (IST)Updated Date: Sat, 20 Jun 2026 10:30:45 AM (IST)

ऊर्जा मंत्री के गृह जिले में बिजली अफसरों की मनमानी! फोरम में दवाइयां रख रो पड़ा बुजुर्ग-'अब आप ही सुन लो'
फोरम  के  सदस्य पीके जैन  के  सामने  दवा  टेबल  पर  रखे  खड़े  बुजुर्ग राजेश सक्सेना। नईदुनिया

HighLights

  1. टेबल पर रखीं दवाइयां
  2. झूठा केस दर्ज करने का आरोप
  3. ग्वालियर जिले का हाल

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के गृह जिले में बिजली उपभोक्ताओं की परेशानियां शुक्रवार को उस समय खुलकर सामने आ गईं, जब विद्युत उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम की सुनवाई के दौरान एक बुजुर्ग उपभोक्ता का दर्द छलक पड़ा। मुरार के निराला नगर सिंहपुर रोड निवासी राजेश सक्सेना ने अपनी दवाईयां फोरम के सामने टेबल पर रखते हुए कहा बीपी, हार्ट की दवाएं खा रहा हूं, लेकिन मेरी समस्या सुनने वाला कोई नहीं है। अब आप ही मेरी सुनवाई कर लें।

चक्कर लगाकर थक गया हूं…

रोशनी घर स्थित स्कॉडा हॉल में यह दृश्य कुछ देर के लिए चर्चा का विषय बना रहा। भावुक हुए सक्सेना ने फोरम के अध्यक्ष जेएन नागर, सदस्य दिलीप कुमार मेघानी और सदस्य (राजस्व एवं लेखा) पीके जैन के समक्ष अपनी व्यथा सुनाई। उन्होंने बताया कि लंबे समय से बिजली विभाग के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।

सक्सेना का आरोप है कि विभाग की एक महिला अधिकारी ने उन पर गलत तरीके से बिजली चोरी का प्रकरण दर्ज कर दिया। उन्होंने कहा कि मेरे द्वारा कोई बिजली चोरी नहीं की गई थी, फिर भी मामले के कारण उन्हें लगातार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इससे मानसिक और शारीरिक दोनों तरह की परेशानियां बढ़ गई हैं। इसी तरह हुरावली निवासी वीरेंद्र सिंह बढ़े हुए बिल की समस्या लेकर फोरम के सामने पहुंचे। लेकिन उनकी समस्या का समाधान मौके पर नहीं हो सका।

11 मामलों की हुई सुनवाई

शुक्रवार को आयोजित विद्युत उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम में बिजली बिलों में विसंगति, मीटर संबंधी शिकायतों और अन्य विद्युत सेवाओं से जुड़े मामलों की सुनवाई की गई। कुल 11 उपभोक्ता अपनी शिकायतें लेकर फोरम के समक्ष पहुंचे। फोरम ने सभी पक्षों को सुनते हुए नियमानुसार कार्रवाई और शिकायतों के निराकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई। छह आवेदनों का निराकरण किया गया। पांच आवेदन संबंधित अधिकारियों को निराकरण के लिए भेजे गए।

सामने आई उपभोक्ताओं की बढ़ती नाराजगी

फोरम की सुनवाई के दौरान सामने आए मामलों ने यह संकेत दिया कि कई उपभोक्ता विभागीय प्रक्रियाओं और शिकायतों के निस्तारण में हो रही देरी से परेशान हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं को उम्मीद है कि फोरम के हस्तक्षेप से उनकी समस्याओं का समाधान जल्द हो सकेगा।



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