मुरैना पुलिस विभाग में पदस्थ आरक्षक राजेश वर्मा ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना से पुलिस महकमे में शोक की लहर फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
जानकारी के अनुसार आरक्षक राजेश वर्मा मुरैना ट्रैफिक थाने में पदस्थ थे। रक्षित निरीक्षक पुलिस लाइन रविकांत शुक्ला ने बताया कि राजेश वर्मा पिछले करीब आठ माह से गले के कैंसर से पीड़ित थे और उपचार के लिए अवकाश पर चल रहे थे। लंबे समय से उनका इलाज जारी था।
प्राथमिक जांच में माना जा रहा है कि गंभीर बीमारी और उससे उत्पन्न मानसिक तनाव के चलते उन्होंने यह कदम उठाया होगा। हालांकि आत्महत्या के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
आरक्षक राजेश वर्मा अपने परिवार के साथ गणेशपुरा क्षेत्र में किराए के मकान में रहते थे। बताया जा रहा है कि उनकी पत्नी की नींद खुली तो उन्होंने पति को फंदे पर लटका हुआ देखा। इसके बाद उन्होंने परिजनों को सूचना दी और तत्काल कोतवाली पुलिस को बुलाया।
एडिशनल एसपी सुरेंद्र पाल सिंह ने बताया कि राजेश वर्मा कैंसर से पीड़ित थे और लंबे समय से बीमार चल रहे थे। प्रारंभिक तौर पर बीमारी के कारण मानसिक तनाव को आत्महत्या की वजह माना जा रहा है। विभाग की ओर से अंतिम संस्कार के लिए एक लाख रुपये की सहायता राशि का चेक प्रदान किया गया है। अन्य विभागीय कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी।
मृतक आरक्षक के परिवार में पत्नी, एक बेटा और दो बेटियां हैं। उनकी बड़ी बेटी का विवाह हो चुका है। परिवार के मुखिया के निधन से घर में मातम का माहौल है। कोतवाली पुलिस परिजनों के बयान दर्ज कर मामले की विस्तृत जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
