मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र खारिज होने के बाद सियासी विवाद तेज हो गया है। कांग्रेस ने इस फैसले को लोकतंत्र पर हमला बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई है, जबकि बीजेपी का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह नियमों के अनुरूप की गई है। इस पूरे प्रकरण के बाद आज कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली में निर्वाचन आयोग में जाकर अपना पक्ष रखा था। कयास लगाए जा रहे थे कि चुनाव आयोग आज शाम तक इसपर फैसला सुनाएगा। हालांकि देर शाम तक चुनाव आयोग की तरफ से इस मामले में कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। जिसके बाद कांग्रेस आज रात पोर्टल पर याचिका दायर करने की तैयारी कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, कल सुबह सुप्रीम कोर्ट के सामने इस मामले को रखने की तैयारी चल रही है।


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क्या है पूरा मामला

दरअसल, राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पत्र पर भाजपा ने आपत्ति दर्ज कराई है। भाजपा का आरोप है कि मीनाक्षी नटराजन ने अपने शपथ पत्र में हैदराबाद की एक अदालत में लंबित प्रकरण की जानकारी नहीं दी है। इसी आधार पर भाजपा ने उनका नामांकन निरस्त करने की मांग की है। वहीं कांग्रेस का कहना है कि मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। पार्टी के अनुसार उन्हें केवल अदालत की ओर से नोटिस प्राप्त हुआ था, इसलिए शपथ पत्र में इसका उल्लेख करने का कोई दायित्व नहीं था।

कांग्रेस का क्या तर्क?

दूसरी ओर, कांग्रेस का तर्क है कि मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ किसी न्यायालय ने अभी तक आरोप तय नहीं किए हैं और न ही उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज है। इसलिए भाजपा की आपत्ति का कोई कानूनी आधार नहीं है।



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