ग्वालियर कलेक्ट्रेट में ट्रांसफार्मर आगजनी के 21 दिन बाद भी चार विभागों में बिजली बहाल नहीं हुई। भीषण गर्मी में कर्मचारी परेशान हैं और कई कार्यालयों क …और पढ़ें

Publish Date: Wed, 10 Jun 2026 08:59:57 AM (IST)Updated Date: Wed, 10 Jun 2026 08:59:57 AM (IST)

ग्वालियर में कलेक्ट्रेट में चार विभागों के दफ्तरों में 21 दिन से नहीं बिजली, गर्मी के टार्चर में डयूटी
कलेक्ट्रेट की छत के नीचे चार दफ्तरों में अंधेरा कायम। (नईदुनिया प्रतिनिधि)

HighLights

  1. 21 दिन बाद भी चार कार्यालयों में बिजली नहीं।
  2. ट्रांसफार्मर शॉर्ट सर्किट से कलेक्ट्रेट में लगी थी आग।
  3. ई-दक्ष लैब के 26 कंप्यूटर जलकर नष्ट हुए।

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। कलेक्ट्रेट की छत के नीचे चार दफ्तरों में अंधेरा कायम है। 21 दिन पहले कलेक्ट्रेट में ट्रांसफार्मर में शार्ट सर्किट के कारण कई विभागों तक जो आग पहुंची थी उसमें चार दफ्तर अभी भी बिना बिजली के ही संचालित हैं।

इन दफ्तरों में जो मुखिया है उन्होने 21 दिन बाद भी चिंता नहीं की और आलम यह है कि दफ्तर में अधिकारी बैठ रहे न स्टाफ काम कर रहा है, क्योंकि बिजली व्यवस्था ठप है।

इन चार दफ्तरों की हालत खराब

42 डिग्री के तापमान में बिना पंखे व कूलर के कौन काम कर पाएगा। यही कारण है कि गलियारे में स्टाफ बैठता है और यहां-वहां घूमता रहता है। यह विभाग हैं खाद्य एवं औषधि विभाग का फूड सैंपल लेने वाला कार्यालय, खाद्य औषधि विभाग का ही ड्रग इंस्पेक्टर कक्ष, स्थानीय निर्वाचन कक्ष और सामान्य निर्वाचन के कक्ष, इसके अलावा ई-गर्वेनेंस की ई-दक्ष लैब, जो पूरी तरह जलने के बाद बंद पड़ी है।

शॉर्ट सर्किट से लगी आग

  • बता दें कि कलेक्ट्रेट में मुख्य इमारत के बाहर लगे ट्रांसफार्मर से हाई वोल्टेज आने के कारण व अर्थिंग गड़बड़ाने के कारण शॉर्ट सर्किट से आग लगना शुरू हुआ था। इसके बाद आग केबलों के जरिये भवन तक पहुंची। बोर्ड और पैनलों से होकर मैदान तल पर बनी एसबीआइ बैंक परिसर में आग लगी, जिसमें कियोस्क सेंटर का फर्नीचर, एसी व अन्य सामान जल गया।
  • मैदान तल पर ट्रेजरी में बोर्ड व पैनलों में आग लग गई और सर्वर बॉक्स भी उड़ गया। दूसरी मंजिल पर ई-गर्वेनेंस के कक्ष के बगल से ई-दक्ष कंप्यूटर लैब में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ, यहां पूरी लैब जल गई। यहां 26 कंप्यूटर लगे हुए थे और एसी व फर्नीचर सब जल गया। वहीं नीचे बेसमेंट में लगे बोर्ड व पैनल भी जल गए। इसमें स्थानीय निर्वाचन व सामान्य निर्वाचन के दफ्तर भी प्रभावित हुए, तब से लेकर अभी तक इन विभागों के मुखियाओं ने काम ही शुरू नहीं कराया।

ई-दक्ष लैब जली पड़ी, लगा हुआ है ताला

ई-दक्ष लैब में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ था यहां 26 कंप्यूटर जल गए थे। यहां काम कराने के लिए अभी बजट स्वीकृत नहीं हुआ है। सामान्य निर्वाचन में सुपरवाइजर राजकुमार कोरकू हैं और उप जिला निर्वाचन अधिकारी अनिल बनवारिया हैं। यहां भी दोनों दफ्तरों की बिजली नहीं सुधरवाई गई है।

सीएमएचओ कार्यालय से सुनवाई नहीं

खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के उप संचालक सीएमएचओ होते हैं, इसके अलावा अभिहीत अधिकारी हैं। डीडीओ पावर भी सीएमएचओ के पास हैं। फूड सैंपलिंग करने वाले अधिकारी वाले कक्षों में बिजली न होने से कार्यालय में बैठना मुश्किल हो रहा है, इसके अलावा ड्रग इंस्पेक्टर के कक्ष में भी बिजली नहीं है। सीएमएचओ कार्यालय से बजट की स्वीकृत करके काम अभी तक हो जाना चाहिए था लेकिन काम नहीं कराया गया।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *