राजधानी भोपाल पुलिस ने एक बार फिर संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए एक व्यक्ति की जान बचाई। सोमवार को पुलिस कमिश्नर कार्यालय परिसर में एक बड़ा हादसा टल गया, जब किसी काम से वहां पहुंचे एक व्यक्ति को अचानक हार्ट अटैक आ गया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों की तत्परता और समय पर दिए गए सीपीआर से उसकी जान बच गई।

पुलिस के अनुसार, देवेंद्र सक्सेना किसी प्रशासनिक कार्य से पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे थे। इसी दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। सीने में तेज दर्द के बाद वे अचेत होकर जमीन पर गिर पड़े। घटना से परिसर में अफरा-तफरी मच गई।

पढ़ें: डंपर की रफ्तार बनी काल, पशु चिकित्सक की मौत के बाद फूटा ग्रामीणों का गुस्सा; शव रखकर चक्काजाम

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वहां तैनात आरक्षक मुकेश साहू और रंजीत रघुवंशी तुरंत सहायता के लिए पहुंचे। दोनों पुलिसकर्मियों ने बिना समय गंवाए देवेंद्र सक्सेना को जमीन पर लिटाकर सीपीआर देना शुरू किया। करीब पांच मिनट तक लगातार सीने पर दबाव और कृत्रिम श्वास देकर उनकी सांसें और धड़कनें सामान्य करने का प्रयास किया गया। पुलिसकर्मियों की तत्परता रंग लाई और कुछ ही मिनटों में देवेंद्र सक्सेना की सांसें दोबारा चलने लगीं। यह देख मौके पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली।

निजी वाहन से पहुंचाया अस्पताल

स्थिति को गंभीर देखते हुए एंबुलेंस का इंतजार करने के बजाय रक्षित निरीक्षक (आरआई) जयसिंह तोमर ने अपने निजी वाहन से देवेंद्र सक्सेना को तत्काल अनंत हॉस्पिटल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने उनका उपचार शुरू किया। चिकित्सकों के अनुसार, यदि समय पर सीपीआर नहीं दिया जाता और अस्पताल पहुंचाने में देरी होती, तो परिणाम गंभीर हो सकते थे। पुलिसकर्मियों की त्वरित सूझबूझ और मानवीय संवेदनाओं ने एक व्यक्ति को नया जीवन दे दिया।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *