मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए अब घर चलाना किसी चुनौती से कम नहीं है। …और पढ़ें

HighLights
- तीन महीने में दूसरी बार बढ़े दाम, ₹89 तक महंगा हुआ सिलेंडर
- पश्चिम एशिया संकट और क्रूड ऑयल की कमी से बढ़ी कीमतें
- डीजल-पेट्रोल के बाद अब रसाई गैस ने तोड़ी आम जनता की कमर
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। शहरवासियों के लिए रविवार की सुबह महंगाई का एक और बड़ा झटका लेकर आई। पेट्रोल और डीजल के बढ़ते दामों से जूझ रहे शहर के लोगों की रसोई पर अब एलपीजी ने सर्जिकल स्ट्राइक की है। सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में एक बार फिर भारी बढ़ोतरी कर दी है, जिससे ग्वालियर में अब एक सिलेंडर की कीमत 1,025.5 रुपये के आंकड़े को पार कर गई है। शहर के मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए अब घर चलाना किसी चुनौती से कम नहीं है।
तीन महीने में दूसरी बार बढ़ी कीमतें
पिछले तीन महीनों का गणित देखें तो महंगाई की रफ्तार डराने वाली है। रविवार को एक सिलेंडर पर सीधे 29 रुपये बढ़ाए गए। इससे पहले सात मार्च को सिलेंडर की कीमतों में 60 रुपये का इजाफा हुआ था। तीन महीने के भीतर गैस सिलेंडर पर 89 रुपये की बढ़ोत्तरी हो चुकी है। जबकि कमर्शियल सिलिंडर की कीमतों को पिछले दिनों ही बढ़ाया गया था। ग्वालियर में कमर्शियल सिलिंडर की कीमत 3338.50 रुपये है।
अभी और भी बढ़ सकती है कीमतें
गैस एजेंसियों के संचालकों की माने तो आगामी दिनों में कीमतों में और इजाफा हो सकता है। इसकी वजह यह है कि पश्चिमी एशिया के युद्ध की वजह से क्रूड आयल सहित एलपीजी कम आ पा रही है। साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी इनकी कीमतों में उछाल आया है। ऐसे में देश में इसका सीधा असर पड़ रहा है। कीमत बढ़ाने के बाद भी पेट्रोलियम कंपनिया एलपीजी के मामले में घाटे में हैं।
चौतरफा महंगाई: शहर में सिर्फ रसोई गैस ही नहीं, बल्कि परिवहन भी महंगा हो चुका है। सरकार ने हाल के दिनों में डीजल, पेट्रोल और सीएनजी की दरों में भी तीन बार इजाफा किया है। इसका सीधा असर आटो किराए से लेकर सब्जी और किराने के सामान की ढुलाई पर पड़ रहा है। गोले का मंदिर, हजीरा और लश्कर जैसे रिहायशी इलाकों के निवासियों का कहना है कि अब घर का बजट पूरी तरह बिगड़ चुका है। हजीरा क्षेत्र की ग्रहणी बबली दुबे का कहा है कि सिलेंडर हजार के पार जाना हमारी कमर तोड़ने जैसा है। तेल, सब्जी और अब गैस.. समझ नहीं आता कि बचत कहां से करें।
शहर के बाजार पर असर: दाल-बाटी और कचौड़ियों के शौकीन इस शहर में अब बाहर का खाना भी महंगा होने के आसार हैं। छोटे होटल और ठेले वालों का कहना है कि कमर्शियल सिलेंडर के साथ-साथ अब घरेलू दरों में वृद्धि ने उनकी लागत बढ़ा दी है।
