मध्यप्रदेश की तीसरी राज्यसभा सीट को लेकर सियासी चर्चाएं लगातार तेज हो रही हैं। एक ओर भाजपा के भीतर तीसरे उम्मीदवार को मैदान में उतारने और कांग्रेस में संभावित क्रॉस वोटिंग को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं, वहीं दूसरी ओर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने साफ कहा है कि हमारे पूरे विधायकों के साथ दो सीट की तैयारी है तीसरी सीट के लिए न कोई निर्णय है और नहीं हमने विचार किया है। हालांकि मुख्यमंत्री मोहन यादव के एक बयान ने तीसरी सीट को लेकर फिर अटकलें तेज कर दी है। दरअसल, राज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा ने दो उम्मीदवारों तरुण चुग और रजनीश अग्रवाल को मैदान में उतारा है। लेकिन चार नामांकन फॉर्म लेने और भाजपा विधायकों को सोमवार तक भोपाल में रुकने के निर्देश दिए जाने के बाद तीसरे उम्मीदवार की संभावना को लेकर चर्चाएं शुरू हो गईं। दरअसल 8 जून को नामांकन का अंतिम दिन है।  

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खंडेलवाल का तीसरे उम्मीवार से इंकार 

इन अटकलों के बीच भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने स्पष्ट किया कि तीसरी सीट पर उम्मीदवार उतारने की पार्टी की कोई रणनीति नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा के पास दो सीटों के लिए पर्याप्त विधायक हैं और कांग्रेस के पास भी अपने उम्मीदवार को जिताने के लिए पर्याप्त संख्या है। इसलिए कांग्रेस को किसी तरह की चिंता या डर की जरूरत नहीं है। खंडेलवाल ने कहा कि  तीसरी सीट को लेकर न कोई निर्णय हुआ है और न ही इस पर कोई विचार किया गया है। पार्टी की ओर से ऐसा कोई निर्देश भी नहीं मिला है। 

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सीएम के बयान ने अटकलें तेज  

हालांकि इसी बीच  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का एक बयान ने फिर सियासी अटकलें तेज कर दी। शनिवार को इंदौर में औद्योगिक निवेश से जुड़े कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे मुख्यमंत्री से जब पत्रकारों ने तीसरी राज्यसभा सीट को लेकर सवाल किया तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि तीसरी सीट आएगी नहीं तो कहां जाएगी। मुख्यमंत्री के इस  जवाब के बाद राजनीतिक गलियारों में नई अटकलें शुरू हो गई हैं। हालांकि भाजपा संगठन की ओर से अब तक तीसरे उम्मीदवार को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। फिलहाल भाजपा सार्वजनिक रूप से दो सीटों पर ही फोकस करने की बात कह रही है, लेकिन मुख्यमंत्री के बयान और पार्टी की हालिया गतिविधियों ने तीसरी सीट को लेकर सस्पेंस बनाए रखा है। अब सबकी नजरें नामांकन की अंतिम तिथि और भाजपा के अगले कदम पर टिकी हुई हैं। 

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क्या कहता है चुनावी गणित?

विधानसभा में वर्तमान में 228 सदस्य मतदान के पात्र हैं। राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 58 वोटों की आवश्यकता है। भाजपा के पास 164 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के पास 63  विधायक हैं। दो सीटों पर अपने उम्मीदवारों को निर्वाचित कराने के बाद भाजपा के पास लगभग 48 वोट बचेंगे। ऐसे में तीसरी सीट जीतने के लिए उसे अतिरिक्त 10 वोटों की जरूरत होगी। यही वजह है कि कांग्रेस में क्रॉस वोटिंग की आशंका और भाजपा की संभावित रणनीति को लेकर चर्चाएं तेज हैं। 

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8 जून तक बना रह सकता है सस्पेंस

राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि भाजपा फिलहाल सभी विकल्पों पर विचार कर रही है और अंतिम फैसला नामांकन की अंतिम तिथि के आसपास लिया जा सकता है। ऐसे में 8 जून तक तीसरी राज्यसभा सीट को लेकर सस्पेंस बने रहने की पूरी संभावना है। फिलहाल इतना तय है कि दो सीटों का चुनाव भले ही औपचारिक नजर आ रहा हो, लेकिन तीसरी सीट को लेकर पर्दे के पीछे राजनीतिक बिसात पूरी तरह बिछ चुकी है। 

 



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