इंदौर में नगर निगम ने अब पानी की टंकियों पर हाईटेक निगरानी शुरू कर दी है। लंबे समय से यह शिकायत मिल रही थी कि टंकियों पर वे टैंकर भी भरे जा रहे हैं, जो नगर निगम में अटैच नहीं हैं, लेकिन इसके सबूत नहीं मिलते थे। अब दूसरे टैंकर निगम की टंकियों से पानी नहीं भर पाएंगे। इंदौर की 70 टंकियों पर सीसीटीवी कैमरे लग गए हैं और टंकियों पर निगरानी रखने के लिए कंट्रोल रूम में व्यवस्था भी की गई है।
इंदौर में 100 से ज्यादा पानी की टंकियां अलग-अलग इलाकों में बनी हैं। गर्मी के दिनों में जब जल संकट होता है, तो नगर निगम के टैंकर पानी की टंकियों से पानी भरते हैं और गलियों में बांटते हैं। नगर निगम ने साढ़े पांच सौ निजी टैंकर भी अटैच किए हैं। इसके अलावा शहर में एक हजार से ज्यादा निजी टैंकर भी पानी बेच रहे हैं।
इनमें से कई चालक पानी भरने के लिए निगम की टंकियों का उपयोग भी कर रहे थे। पिछले दिनों बजरंग नगर की पानी की टंकी से ऐसे ही एक टैंकर के पानी भरने का पता अधिकारियों को चला था। टंकी क्षेत्र के एक घर के सामने स्थित मकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में भी चोरी-छिपे पानी भरने वाला टैंकर कैद हो गया था। इसके बाद निगमायुक्त ने तीन मस्टरकर्मियों की सेवा समाप्त कर दी।
रात के समय होती है पानी की चोरी
पानी की टंकियों पर रात के समय पानी चोरी करने का काम होता है। ज्यादातर निजी टैंकर रात के समय टंकियों पर आते हैं और पानी भरकर ले जाते हैं। टंकी पर तैनात कर्मचारियों से उनकी सांठगांठ रहती है। कई बार क्षेत्रीय पार्षद व जनप्रतिनिधि भी दबाव बनाकर निजी टैंकरों में पानी भरवा देते हैं।
