इंदौर में वैसे तो हरियाली तेजी से कम हो रही है, लेकिन शहर के विजय नगर क्षेत्र में इंदौर विकास प्राधिकरण ने दस एकड़ जमीन पर जंगल तैयार कर दिया। इस सिटी फॉरेस्ट के आसपास जमीनों के भाव दस हजार रुपये प्रति वर्गफीट से ज्यादा हैं।

इस जंगल को तैयार होने में आठ साल का समय लगा, लेकिन अब वहां इकोसिस्टम भी बन गया है। घने और छायादार पेड़ों के कारण कई प्रजातियों के पक्षियों ने वहां बसेरा बना लिया है। कई मोर परिवारों ने भी यहां अपना ठिकाना बना लिया है।

 

इस फॉरेस्ट को प्राकृतिक रूप दिया गया है। सिर्फ लोगों के चलने के लिए एक वॉकिंग ट्रैक बनाया गया है, बाकी हिस्से में घने पेड़ लगाए गए हैं और कच्ची जमीन रखी गई है। जमीन के एक हिस्से से कच्ची नाली गुजरती है, उसे भी वैसा ही रहने दिया गया है।

दस एकड़ जमीन पर आम, नीम, पीपल, बरगद, गुल्लर जैसे पेड़ लगाए गए हैं। कुछ फलदार पेड़ भी लगाए गए हैं, ताकि पक्षियों को भोजन मिल सके। हरियाली गर्मी में भी बरकरार रहे, इसके लिए फॉरेस्ट में पाइपलाइन बिछाई गई है। सीवेज ट्रीटमेंट के उपचारित पानी का उपयोग इसके लिए किया जाता है। इस फॉरेस्ट में बीस हजार से ज्यादा पेड़ लगाए गए हैं।

रोज आते हैं लोग सुबह की सैर के लिए

प्राकृतिक माहौल में लोगों को घूमना अच्छा लगता है। रोज सिटी फॉरेस्ट में सैकड़ों लोग सुबह के समय आते हैं। यहां पर योग कक्षाएं भी संचालित होती हैं, लेकिन फॉरेस्ट के स्कीम-114 वाले हिस्से में धीरे-धीरे अतिक्रमण भी होने लगा है। रोज शाम को वहां ठेले और गुमटियां लग जाती हैं। पिछले दिनों सिटी फॉरेस्ट की एक बाउंड्री वॉल को भी तोड़ दिया गया था।



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