विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शुक्रवार को राजधानी भोपाल स्थित कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय सभागार में राज्य स्तरीय समारोह के दौरान ‘एक पेड़ मां के नाम 2.0’ अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन और हरित विकास को भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग बताते हुए जनभागीदारी से पर्यावरण संरक्षण का आह्वान किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सर्कुलर इकॉनॉमी से संबंधित पांच कोर्स मॉड्यूल तथा एप्को और इन्टैक द्वारा जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत 16 जिलों की 500 बावड़ियों के प्रलेखन दस्तावेजों का विमोचन किया। साथ ही पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और सतत विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले संस्थानों, औद्योगिक इकाइयों, सामाजिक संगठनों और व्यक्तियों को 8 श्रेणियों में 11 राज्य स्तरीय पर्यावरण पुरस्कार प्रदान किए।
यूका को लेकर कांग्रेस सरकार पर साधा निशाना
सीएम ने कहा कि भोपाल में 40 वर्ष पूर्व सरकार द्वारा पर्यावरण को चुनौती देते हुए यूनियन कार्बाइड को संचालित करने दिया गया, जिसके परिणामस्वरूप कई निर्दोषों मो काल कवलित होना पड़ा। हमारी सरकार भोपाल में यूनियन कार्बाइड स्थल को स्मारक के साथ ही भोपाल के विकास में उसके सदुपयोग के लिए कटिबद्ध है। साथ ही,उन्होंने कहा कि हमने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार यूका के कचरे को नष्ट करने का कार्य किया है। ये कदम पर्यावरण संरक्षण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
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हमारी पूजा-पद्धति संस्कृति से जुड़ी हुई
मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि भारतीय जीवन पद्धति प्रकृति के साथ सहअस्तित्व पर आधारित रही है। हमारी पूजा-पद्धति, संस्कार और परंपराएं प्रकृति से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने कहा कि तुलसी, जल, सूर्य और वृक्षों के प्रति सम्मान की भावना हमारी संस्कृति में सदियों से विद्यमान है। पर्यावरण संरक्षण के लिए आज दुनिया जिस दिशा में आगे बढ़ रही है, भारत उस विचार को प्राचीन काल से आत्मसात किए हुए है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जल गंगा संवर्धन अभियान के माध्यम से नदियों, तालाबों, कुओं और बावड़ियों के संरक्षण का व्यापक कार्य कर रही है। जल संरक्षण और वृक्षारोपण को जनआंदोलन बनाने के लिए विभिन्न स्तरों पर अभियान चलाए जा रहे हैं।
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सरकार ग्रीन एनर्जी के विस्तार पर कर रही काम
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके विजन के अनुरूप पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छ ऊर्जा और सतत विकास के क्षेत्र में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश में भी सौर, पवन, बायोमास और जल विद्युत आधारित परियोजनाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है। राज्य सरकार ग्रीन एनर्जी के विस्तार और वन्यजीव संरक्षण के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का संकल्प है। समाज के सभी वर्गों की भागीदारी से ही हरित और समृद्ध मध्यप्रदेश का निर्माण संभव होगा।
