अंचल में पिछले साल मानसून ने समय से सात दिन पहले अंचल में दस्तक दी थी और जून महीने में ही अच्छी खासी वर्षा हुई थी …और पढ़ें

HighLights
- केवल प्री-मानसून बौछारों से मिलेगी थोड़ी राहत
- औसत से कम बरसेंगे बदरा
- केरल में अटका मानसून
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। जून के महीने में इस बार वर्षा सामान्य से कम रहने के आसार है, साथ ही तापमान भी सामान्य से अधिक ही रहेगा और नमी भी वातावरण में सामान्य से अधिक रहेगी। इस बार मानसून की दस्तक भी अंचल में थोड़ी देरी से हो सकती है।
हालांकि महीने के बीच में प्री मानसून की गतिविधियां चलती रहेंगी और बादल छाने के साथ गरज चमक के साथ हल्की वर्षा होगी। यहां बता दें कि जून महीने में ग्वालियर में औसत वर्षा 85 मिमी होती है। लेकिन इस बार अलनीनो प्रभाव की वजह से अंचल में वर्षा औसत से कम हो सकती है। जून महीने का औसत तापमान 40.4 डिसे रहता है, लेकिन इस बार गर्मी अधिक रहेगी और तापमान सामान्य से अधिक रहेगा।
अंचल में पिछले साल मानसून ने समय से सात दिन पहले अंचल में दस्तक दी थी और जून महीने में ही अच्छी खासी वर्षा हुई थी। लेकिन इस बार प्री मानसून गतिविधियों में भी कम वर्षा देखने को मिल सकती है। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक इस बार मानसून चार से पांच दिन देरी से अंचल में आ सकता है, क्योंकि एक जून को केरल में मानसून आता है, लेकिन अभी मानसून केरल से दूर अटका हुआ है।
कैसे आता है अंचल में मानसून: मानसून का आगमन बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने निम्नदाब क्षेत्र या चक्रवातीय तूफानों की वजह से या फिर अरब सागर में बने निम्नदाब क्षेत्र की वजह से होता है।
