राजधानी भोपाल के बहुचर्चित त्विषा शर्मा केस में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह और उनके बेटे अधिवक्ता समर्थ सिंह से लगातार पूछताछ कर रही है। दोनों को 2 जून तक सीबीआई रिमांड पर रखा गया है। दोनों से सीबीआई की अलग-अलग टीमें पूछताछ कर रही हैं। वहीं, जांच के लिए एक फॉरेंसिक टीम भी भोपाल बुलाई गई है।

सीबीआई का मुख्य फोकस घटना वाली रात 9:40 बजे से 10:20 बजे के बीच के उन 40 मिनटों पर है, जिनमें घटनाक्रम क्या हुआ, इसे लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। एजेंसी ने गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह से पूछा कि रात 9:40 बजे तक त्विषा की अपने मायके पक्ष से सामान्य बातचीत हो रही थी, जबकि करीब 10:20 बजे उसकी मौत की सूचना दी गई। ऐसे में इन 40 मिनट के दौरान क्या हुआ, इसकी मिनट-टू-मिनट जानकारी मांगी गई है।

सीबीआई को त्विषा के फांसी के फंदे पर लटके होने की जानकारी मिलने से लेकर उसे एम्स अस्पताल पहुंचाने तक के पूरे घटनाक्रम का विस्तृत ब्यौरा चाहिए। दोनों से साथ बैठाकर और अलग-अलग पूछताछ की गई, लेकिन अब तक वे घटनाक्रम को स्पष्ट रूप से नहीं बता पाए हैं। दोनों के बयानों में कई बिंदुओं पर विरोधाभास सामने आए हैं और समय का भी मिलान नहीं हो पा रहा है।

सूत्रों के अनुसार पूछताछ के दौरान सीबीआई अधिकारियों के कई सवालों का जवाब देने से गिरिबाला सिंह बचती रहीं। उन्होंने उम्र संबंधी स्वास्थ्य समस्याएं, लंबे समय तक बैठने में परेशानी और घबराहट की शिकायत भी की, जिसके चलते कुछ समय के लिए पूछताछ रोकनी पड़ी।

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सीबीआई शादी के बाद त्विषा और समर्थ के रिश्तों में आए तनाव की भी जांच कर रही है। पूछताछ में समर्थ ने पति-पत्नी के बीच सामान्य अनबन की बात कही, लेकिन जब अधिकारियों ने 22 अप्रैल की घटना और मायके पक्ष के भोपाल आने के कारणों को लेकर सवाल किए तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। दांपत्य जीवन में विवाद, कथित मारपीट और कुछ ही महीनों में रिश्तों में आई खटास के कारणों को लेकर भी उनसे सवाल किए गए।

समर्थ के पुराने रिश्ते की भी जांच


सूत्रों के मुताबिक सीबीआई समर्थ सिंह के एक पुराने रिश्ते की भी जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि त्विषा से विवाह से पहले समर्थ की एक युवती से नजदीकियां थीं। पूछताछ के दौरान मां-बेटे ने इस बारे में जानकारी देने से इनकार किया, हालांकि एजेंसी को इस संबंध में पहले से कुछ जानकारी मिल चुकी है।

चिकित्सकों से भी जानकारी जुटाएगी सीबीआई


गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह ने पूछताछ में दावा किया कि त्विषा नशे की आदी थी और उसने बिना जानकारी दिए गर्भपात कराया था। वहीं, त्विषा के परिजनों का आरोप है कि समर्थ ड्रग्स का सेवन करता था और इसी कारण बच्चे के स्वास्थ्य को लेकर चिंता थी। सीबीआई की शुरुआती जांच में सामने आया है कि समर्थ और त्विषा दोनों किसी न किसी प्रकार के नशे का सेवन करते थे। अब एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर किन परिस्थितियों में त्विषा ने गर्भपात कराया। समर्थ ने अपने बयान में कहा कि डॉक्टरों की सलाह पर गर्भपात कराया गया था क्योंकि त्विषा ड्रग्स लेती थी। जबकि इससे पहले उसने कहा था कि त्विषा ने उसे और उसकी मां को बिना बताए गर्भपात करा लिया था। इन दोनों बयानों में भी अंतर मिलने से सीबीआई इसकी गहराई से जांच कर रही है।



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