राज्य सरकार की नई तबादला नीति लागू होने के बाद सोमवार से प्रदेशभर में स्थानांतरण प्रक्रिया शुरू हो गई है। सभी विभागों को 15 जून तक स्वैच्छिक और प्रशासनिक आधार पर तबादले करने की अनुमति दी गई है।  सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) द्वारा जारी निर्देशों के बाद विभिन्न विभागों ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। शुरुआती चरण में उन पदों को भरने पर विशेष जोर रहेगा, जो लंबे समय से खाली पड़े हैं। इसके साथ ही अधिसूचित और संवेदनशील क्षेत्रों में पदस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों की नई तैनाती भी की जाएगी। जानकारी के अनुसार शिक्षा, स्वास्थ्य, राजस्व, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नगरीय प्रशासन और पुलिस विभाग सहित कई प्रमुख विभागों ने स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। पुलिस मुख्यालय ने भी आरक्षक से लेकर उप निरीक्षक (एसआई) स्तर तक के तबादले 5 जून तक करने के निर्देश दिए हैं, जिसके बाद जिलों में पुलिस अधीक्षक और पुलिस आयुक्त स्तर पर बदलाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है। तबादला नीति के अनुसार जिन विभागों में 200 तक कर्मचारी हैं, वहां अधिकतम 20 प्रतिशत तक स्थानांतरण किए जा सकेंगे। 200 से 1000 कर्मचारियों वाले विभागों में 15 प्रतिशत, 1000 से 2000 कर्मचारियों वाले विभागों में 10 प्रतिशत और 2000 से अधिक कर्मचारियों वाले विभागों में 5 प्रतिशत तक तबादले किए जा सकेंगे।


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नई नीति में महिला कर्मचारियों और सेवानिवृत्ति के करीब पहुंच चुके कर्मचारियों को विशेष राहत दी गई है। अविवाहित, विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्ता महिलाओं को गृह जिले में पदस्थ करने का प्रावधान किया गया है। वहीं जिन कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति में एक वर्ष या उससे कम समय बचा है, उनका सामान्य परिस्थितियों में तबादला नहीं किया जाएगा। पति-पत्नी को एक ही स्थान पर पदस्थ करने संबंधी मामलों को भी प्राथमिकता दी जाएगी। ऐसे आवेदन स्वीकार किए जाएंगे, हालांकि अंतिम निर्णय प्रशासनिक आवश्यकता के आधार पर लिया जाएगा। गंभीर बीमारी और विशेष परिस्थितियों से जुड़े मामलों को भी तबादला नीति से अलग श्रेणी में रखा गया है। 

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सरकार ने पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए सभी स्थानांतरण आदेश ऑनलाइन जारी करने का निर्णय लिया है। स्पष्ट किया गया है कि 15 जून के बाद ई-ऑफिस से जारी होने वाले तबादला आदेश मान्य नहीं होंगे। सभी आदेशों में कर्मचारी का एम्पलाई कोड दर्ज करना अनिवार्य रहेगा। राज्य सरकार का मानना है कि रिक्त पदों पर शीघ्र पदस्थापना और प्रशासनिक पुनर्संरचना से विकास कार्यों तथा जनहित योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी। ऐसे में अगले दो सप्ताह प्रदेश के प्रशासनिक महकमे के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहने वाले हैं।



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