35 लाख की आबादी वाला इंदौर पानी के मामले में 70 किलोमीटर दूर बहने वाली नर्मदा नदी के भरोसे है। इस साल शहर में हुए जलसंकट ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। अब नर्मदा के तीनों चरण भी शहर की प्यास नहीं बुझा पा रहे हैं। तीसरा चरण वर्ष 2024 तक की जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया था, लेकिन उसकी क्षमता दो साल पहले ही कम पड़ने लगी। अब कई इलाके टैंकरों के भरोसे हैं। रोज किसी न किसी क्षेत्र में जलसंकट को लेकर चक्काजाम और प्रदर्शन हो रहे हैं। यह स्थिति करीब पांच साल बाद फिर निर्मित हुई है।

नगर निगम ने चौथे चरण के निर्माण की तैयारी शुरू कर दी है, लेकिन इसे पूरा होने में लगभग तीन साल लगेंगे। ऐसे में आने वाले वर्षों में शहरवासियों को जलसंकट का सामना करना पड़ सकता है।

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