चंबल अभयारण्य के देवरी घड़ियाल हैचरी केंद्र पर रखे गए 200 अंडों में से 70 में से घड़ियालों के नन्हे बच्चों ने जन्म लिया है। हालांकि, इन अंडों से ये बच्चे अनुमानित समय से पहले ही बाहर आ गए हैं, जिन्हें हाल ही में इसी मई महीने में कलेक्ट कर सेंचुरी लाया गया था। वन विभाग के अनुसार, फिलहाल सभी 70 नन्हे घड़ियाल पूरी तरह सुरक्षित हैं और जल्द ही बाकी बचे अन्य अंडों से भी बच्चों के जन्म लेने की उम्मीद है।
चंबल अभयारण्य देवरी घड़ियाल सेंचुरी के हैचिंग सेंटर में प्रतिवर्ष की भांति इस बार भी वन विभाग द्वारा अंडे कलेक्ट किए गए थे। वन विभाग की टीम ने चंबल नदी के बरौली घाट और ‘बाबू सिंह का घेर’ घाट से 100-100 कुल 200 अंडे कलेक्ट कर इसी मई महीने में हैचिंग के लिए देवरी के हैचरी केंद्र में सुरक्षित रखे थे। सुबह और देर रात इनमें से कुल 70 अंडों से घड़ियाल के बच्चों ने सफलतापूर्वक जन्म लिया।
ये भी पढ़ें- AIIMS के डॉक्टरों ने किया दूसरा पोस्टमार्टम, कल SC की विशेष पीठ करेगी सुनवाई, भाई ने उठाई CBI जांच की मांग
घड़ियाल एवं जलीय जीव विशेषज्ञ और वनपाल ज्योति दंडोतिया ने बताया कि शासन के नियमों के अनुसार संरक्षण के लिए हर साल 200 अंडे कलेक्ट किए जाते हैं। बरौली घाट से लाए गए अंडों से समय से पहले ही हैचिंग हो गई और शाम तक कुल 70 नन्हे घड़ियालों ने जन्म ले लिया। उन्होंने बताया कि बरौली घाट चंबल नदी के ऊपरी तरफ अपस्ट्रीम स्थित है, इसलिए हमेशा इसी घाट के अंडों से बच्चे सबसे पहले बाहर आते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार चंबल नदी के घाटों से अंडों को कलेक्ट करते समय उस स्थान का प्राकृतिक तापमान मापा जाता है। इसके बाद, अंडों को देवरी केंद्र पर बनी कृत्रिम हैचरी में बिल्कुल उसी तापमान पर रखा जाता है, ताकि उन्हें नदी जैसा ही प्राकृतिक माहौल मिल सके। आमतौर पर अंडों के सुरक्षित विकास के लिए हैचरी का तापमान 25 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच मेंटेन किया जाता है।
