नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। प्रदेश सरकार और मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम (एमपीआइडीसी) ने औद्योगिक क्षेत्रों में निवेश की प्रक्रिया को न केवल पूरी तरह पारदर्शी बना दिया है, बल्कि इसे बिचौलिया मुक्त भी कर दिया है। अब ग्वालियर-चंबल अंचल सहित पूरे प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों में जमीन आवंटन के लिए किसी दलाल के चक्कर काटने की जरूरत नहीं होगी। एमपीआइडीसी ने अपनी आवंटन प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल कर दिया है।

पूरी तरह पारदर्शी और ऑनलाइन हुई जमीन बुकिंग

विभाग के नए नियमों के मुताबिक, अब देश भर के उद्योगपति सीधे एमपीआइडीसी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर उपलब्ध प्लाट देख सकते हैं। अपनी पसंद और जरूरत के हिसाब से प्लाट को ऑनलाइन ही बुक किया जा सकता है। बुकिंग के बाद उद्योगपतियों को सीधे कार्यालय से संपर्क करना होगा, जिससे भ्रष्टाचार और समय की बर्बादी की गुंजाइश खत्म हो गई है। विभाग के अफसरों का स्पष्ट कहना है कि अब किसी मिडिल मैन की जरूरत नहीं है, तकनीक ने उद्यमियों और सरकार के बीच की दूरी को खत्म कर दिया है।

छोटे और बड़े उद्योगों के लिए बंपर रियायतें

निवेशकों को आकर्षित करने के लिए सरकार जमीन की कीमतों में भारी छूट भी दे रही है। यह छूट उद्योगों के आकार और जमीन के क्षेत्र के आधार पर तय की गई है। यदि कोई उद्यमी अपनी यूनिट लगाने के लिए एक हेक्टेयर तक की जमीन लेता है, तो उसे सरकारी दर पर 75 प्रतिशत की भारी छूट दी जाएगी। यह कदम छोटे स्टार्टअप और स्थानीय युवाओं को उद्योग से जोड़ने के लिए उठाया गया है। मध्यम और बड़े उद्योगों के लिए भी राहत के द्वार खोले गए हैं। यदि कोई निवेशक 20 हेक्टेयर तक की जमीन लेता है तो उसे 50 प्रतिशत की छूट प्रदान की जाएगी।

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निवेश के लिए इसलिए चुनें ग्वालियर अंचल

एमपीआइडीसी अंचल के औद्योगिक क्षेत्रों, जैसे कि सीतापुर, मालनपुर, पिपरसेवा, जडेरुआ, बनमोर सहित नए विकसित किए जा रहे क्षेत्र मोहना, गुरावल, परीक्षा अहीर, चैनपुरा, पिपरौदा में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर ध्यान दे रही है। विभाग के मुताबिक, वैश्विक स्तर की सुविधाओं और जमीन की इन सस्ती दरों के कारण न केवल प्रदेश के, बल्कि देश भर के बड़े औद्योगिक घराने ग्वालियर की ओर रुख कर रहे हैं।



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