नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। मप्र का राज्य परिवहन प्राधिकरण ग्वालियर स्थित परिवहन मुख्यालय से भोपाल शिफ्ट होने के बाद विवादों में आ गया है। अभी तक इस मामले में प्राधिकरण में पदस्थ बाबुओं और रिटायर स्टाफ के विवादित मामले व शिकायतें सामने आ रही थीं, अब राज्य परिवहन प्राधिकरण के सचिव के खिलाफ ही गंभीर शिकायत मुख्य सचिव अनुराग जैन तक पहुंची है।

गंभीर आरोप लगाए हैं

बस ऑपरेटर यूनियन ने राज्य परिवहन प्राधिकरण के सचिव केसी नागर की नियुक्ति के खिलाफ सवाल खड़े करते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। पूर्व के भ्रष्टाचार के मामलों का भी शिकायत में उल्लेख किया गया है। शिकायत में बताया गया है कि सचिव नागर की ओर से रिटायर बाबू अजय भारद्वाज, जिस पर लोकायुक्त के मामले चल रहे हैं, उसे संविदा पर परमिट का काम देखने के लिए लाने की तैयारी है। पहले यही बाबू यहां ग्वालियर में एसटीए का काम देखता था।

वहीं ग्वालियर से जिस स्टेनो मनीष सलूजा का शिकायतें अधिक होने पर भोपाल में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन योजना में तबादला किया गया था, उसे भी राज्य परिवहन प्राधिकरण में पदस्थ करने की तैयारी की जा रही है। प्राधिकरण भोपाल भले ही शिफ्ट हो गया है, लेकिन अभी तक वहां काम शुरू नहीं हुआ है।

बता दें कि कुछ समय पहले ही ग्वालियर परिवहन मुख्यालय से एसटीए यानी राज्य परिवहन प्राधिकरण को भोपाल शिफ्ट किया गया है। पहले परिवहन मंत्रालय ने नोटिफिकेशन जारी किया और इसके बाद एसटीए के बाबू अविनाथ बाथम और किशन शर्मा का तबादला कर दिया गया। तबादले के बाद इन दोनों ने काफी दिनों तक ज्वाइन नहीं किया और एक ने अब ज्वाइन कर लिया है। एसटीए भोपाल शिफ्ट होने के बाद अब प्रदेशभर के बस ऑपरेटरों को भोपाल जाना होगा। एसटीए के भोपाल जाने के बाद लगातार बाबुओं का तंत्र भी विवादों में है।

स्टाफ और कर्मचारियों को लेकर शिकायत में गंभीर आरोप

बस ऑपरेटर यूनियन भिंड के अध्यक्ष यदुवीर सिंह कुशवाह ने शिकायत में वर्षों से परिवहन विभाग में जमे कर्मचारियों व रिटायर्ड कर्मचारियों का उल्लेख किया है। इसमें बताया गया है कि रिटायर्ड वरिष्ठ लिपिक अजय भारद्वाज, स्टेनो परिवहन विभाग मनीष सलूजा, अविनाथ बाथम और रोडवेज से प्रतिनियुक्ति पर किशन शर्मा मुख्य लोग हैं।

शिकायत में कहा गया है कि किशन छह माह के एक्सटेंशन पर हैं, अजय भारद्वाज लोकायुक्त शिकायत के बाद जांच में दोषी हैं और अन्य शिकायतें भी लंबित हैं। इसके बावजूद उन्हें फिर से आउटसोर्स पर रखने की तैयारी की जा रही है।

बैक डोर से एंट्री कराने की तैयारी

सचिव नागर पर यह आरोप लगाया गया है कि मनीष सलूजा को परमिट संबंधी कार्य के लिए बैक डोर से एंट्री कराने की तैयारी है। शिकायत में बताया गया है कि इन बाबुओं के कारण ही एसटीए बदनाम हुआ और भोपाल ले जाया गया, लेकिन अब फिर इन्हीं से काम कराने की तैयारी की जा रही है।

बाबू अविनाश बाथम की कई शिकायतें लंबित हैं। इसी कारण परिवहन आयुक्त जोगा ने 17 अप्रैल 2026 को उनका कैंप कार्यालय भोपाल कर दिया था। इस संबंध में सचिव केसी नागर को उनके मोबाइल पर काल किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका।



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