गर्मी की छुट्टियों और शादी सीजन में ट्रेनों में भारी भीड़ है। वेटिंग 100 पार पहुंची। एसी कोच में टिकट मिलना मुश्किल, यात्रियों को जनरल में सफर करना पड …और पढ़ें

HighLights
- गर्मी की छुट्टियों में ट्रेनों में यात्रियों की भीड़
- बढ़ी लंबी दूरी की ट्रेनों में नो रूम जैसी स्थिति बनी
- कई ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट 100 के पार पहुंची
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। गर्मी की छुट्टियों और शादी-ब्याह के सीजन ने रेल यात्रा को चुनौतीपूर्ण बना दिया है। लंबी दूरी की ट्रेनों में यात्रियों की भारी भीड़ के चलते ‘नो रूम’ की स्थिति बन गई है। खासकर एसी कोच में कंफर्म टिकट मिलना बेहद मुश्किल हो गया है। रेलवे आरक्षण केंद्रों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर टिकट के लिए मारामारी मची हुई है।
वेटिंग लिस्ट 100 के पार पहुंच चुकी है, जिससे यात्रियों को मजबूरी में वेटिंग या जनरल टिकट के साथ यात्रा करनी पड़ रही है। हालात ऐसे हैं कि तत्काल टिकट के लिए भी यात्रियों के बीच विवाद की स्थिति बन रही है।
नो रूम की स्थिति
इन दिनों अधिकतर लंबी दूरी की ट्रेनों में सीटें पूरी तरह भर चुकी हैं। स्लीपर और एसी दोनों ही कोच में वेटिंग लिस्ट लगातार बढ़ रही है। कई ट्रेनों में वेटिंग 100 से अधिक पहुंच गई है, जिससे कंफर्म टिकट मिलना लगभग असंभव हो गया है। यात्रियों को अंतिम समय तक टिकट कंफर्म होने की उम्मीद में इंतजार करना पड़ रहा है।
एसी कोच में सबसे ज्यादा दबाव
एसी कोच में स्थिति और भी गंभीर है। यहां टिकट कैंसिलेशन कम होने के कारण सीटें खाली नहीं हो पा रही हैं। आम दिनों के मुकाबले लोग अपनी यात्रा रद्द नहीं कर रहे, जिससे नए यात्रियों के लिए टिकट मिलना मुश्किल हो गया है।
दक्षिण भारत की ट्रेनों में भारी भीड़
दक्षिण भारत जाने वाली ट्रेनों में यात्रियों का दबाव सबसे अधिक है। जीटी एक्सप्रेस, तमिलनाडु एक्सप्रेस, गोवा एक्सप्रेस, एपी एक्सप्रेस और तेलंगाना एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों में लंबी वेटिंग चल रही है। इसके अलावा उत्कल, श्रीधाम, छत्तीसगढ़ और मुंबई राजधानी जैसी ट्रेनों में भी कंफर्म टिकट मिलना कठिन हो गया है।
तत्काल टिकट के लिए बढ़ रहे विवाद
आरक्षण केंद्रों पर तत्काल टिकट बनवाने के लिए यात्रियों की लंबी कतारें लग रही हैं। टिकट की सीमित उपलब्धता के कारण कई बार यात्रियों के बीच विवाद की स्थिति भी बन रही है। रेलवे के लिए यह स्थिति संभालना चुनौती बन गई है।
