ग्वालियर दुष्कर्म मामले में अदालत ने आरोपी राहुल प्रजापति को बरी किया। साक्ष्यों में सहमति से संबंध और लिव-इन सामने आने पर आरोप सिद्ध नहीं हो सके। …और पढ़ें

HighLights
- अदालत ने आरोपी राहुल प्रजापति को आरोपों से बरी किया
- पीड़िता तीन साल तक आरोपी के साथ लिव-इन में रही
- मेडिकल रिपोर्ट में जबरदस्ती या गर्भपात के ठोस सबूत नहीं
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। थाना महाराजपुरा क्षेत्र के चर्चित दुष्कर्म मामले में 24वें अतिरिक्त सत्र एवं विशेष न्यायाधीश केशव सिंह की अदालत ने आरोपी राहुल प्रजापति को बरी कर दिया है। मामला उस शिकायत से जुड़ा था, जो पीड़िता ने 10 जून 2023 को दर्ज कराई थी। उसने आरोप लगाया था कि उसकी मुलाकात राहुल से आरोग्यधाम में हुई, जहां आरोपी काम करता था। 19 फरवरी 2021 को उसे होटल जेएस पैलेस बुलाकर जबरदस्ती संबंध बनाए गए और शादी का झांसा देकर साथ रखा गया।
पीड़िता के अनुसार, दोनों करीब तीन साल तक साथ रहे। इस दौरान वह दो बार गर्भवती हुई। आरोपी ने गर्भपात कराया। 2 जून 2023 को आरोपी ने शादी से इंकार कर दिया, जिसके बाद मामला दर्ज हुआ। सुनवाई के दौरान सामने आया कि पीड़िता लंबे समय तक आरोपी के साथ स्वेच्छा से लिव-इन रिलेशन में रही।
राहुल को कोर्ट ने किया बरी
- होटल मालिक जितेंद्र सिंह लोधी ने बताया कि घटना वाले दिन होटल में दो युवक और दो युवतियां साथ ठहरे थे। डॉक्टर माधुरी शर्मा की मेडिकल रिपोर्ट में जबरदस्ती या गर्भपात के ठोस सबूत नहीं मिले। पीड़िता ने यह भी स्वीकार किया कि उसने आरोपी के साथ कोर्ट मैरिज की बात अपने परिवार को बताई थी।
- वह अपनी मर्जी से उसके साथ रह रही थी। इन तथ्यों के आधार पर अदालत ने माना कि यह मामला आपसी सहमति और प्रेम संबंध का है, न कि जबरन बनाए गए संबंध का। अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में असफल रहा, जिसके चलते आरोपी राहुल प्रजापति को आरोपों से दोषमुक्त कर दिया गया।
