ग्वालियर में आठ माह में तीन भाइयों की मौत से परिवार टूट गया। पिता ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री से निष्पक्ष जांच और मौतों के कारण …और पढ़ें

Publish Date: Fri, 17 Apr 2026 10:33:16 AM (IST)Updated Date: Fri, 17 Apr 2026 10:33:16 AM (IST)

8 माह में तीन बेटों की मौत से टूटे मां-बाप, CM मोहन यादव से लगाई गुहार, बोले- पुलिस नहीं कर रही जांच
तीन सगे भाइयों की 8 माह के भीतर एक-एक करके मौत। (फोटो- नईदुनिया प्रतिनिधि)

HighLights

  1. आठ माह में तीन सगे भाइयों की संदिग्ध मौत से हड़कंप
  2. दो भाइयों ने फांसी लगाई, एक की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में
  3. पिता ने पुलिस पर जांच में लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। पड़ाव के न्यू साकेत नगर में रहने वाले तीन सगे भाइयों की 8 माह के भीतर एक-एक करके मौत हो गई। सबसे छोटे भाई की जान संदिग्ध परिस्थितियों में गई थी। उसके बाद दो ने फांसी लगा ली। मंझले भाई ने 4 दिन पहले फांसी लगाकर जान दे दी। अब पिता ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से गुहार लगाई है कि इन तीनों मौत के कारणों का पुलिस पता लगाये।

पिता ने कहा कि हम थाने जाते हैं, तो पुलिस भगा देती है। कोई जवाब नहीं देता। 8 माह के भीतर मेरे तीन बेटे मर चुके हैं। हमारा सबकुछ खत्म हो गया, लेकिन पुलिस को बिल्कुल तरस नहीं आता। जांच के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति कर रही है।

यह दर्द है न्यू साकेत नगर में रहने वाले मोहन धानुक का। उनके सबसे छोटे बेटे धर्मेंद्र धानुक की मौत 1 अगस्त 2025 को हुई थी। उसकी मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी। मौत का कारण अब तक स्पष्ट नहीं है। अभी परिवार नीरज की मौत से नहीं उबर पाया था कि 19 मार्च को बड़े बेटे अमर ने घर में ही फांसी लगा ली। कारण अब तक अज्ञात है। उसके बाद 12 अप्रैल को सबसे मंझले बेटे नीरज (28) ने बाजार से लौटकर फांसी लगा ली।

8 माह के भीतर तीनों बेटों की मौत हो गई। अब पूरे परिवार की जिम्मेदारी वृद्ध मोहन धानुक पर है। घर में बहू, पत्नी और अन्य परिजन हैं।

पुलिस निष्पक्ष जांच कर पता लगाए कारण

मोहन ने कहा कि तीनों बेटों की मौत ने तोड़कर रख दिया है। परिवार का बुराहाल है। तीनों बेटे चले गए, लेकिन कारण पता नहीं लग सका। पुलिस जांच में लापरवाही बरत रही है। मोहन धानुक ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से गुहार लगाई है कि तीनों बेटों की मौत का कारण पुलिस पता लगाये। निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट तक नहीं दी

मोहन ने कहा कि छोटे बेटे का मोबाइल कृष्णा के पास मिला था। मौत के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया, लेकिन अब तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट पुलिस ने नहीं दी है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *