इंदौर के हीरानगर में एक छात्र साइबर ठगी का शिकार हो गया। आरोपियों ने खुद को फाइनेंस कंपनी का अधिकारी बताकर लोन दिलाने का झांसा दिया और प्रोसेसिंग चार्ज सहित अलग-अलग शुल्क के नाम पर उससे लगातार रुपए ट्रांसफर कराते रहे। इस मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

फेसबुक पर लोन ऑफर के जरिए बुना जाल

हीरानगर पुलिस के मुताबिक मारुति नगर निवासी अनिरुद्ध भदौरिया की शिकायत पर ऑनलाइन फ्रॉड का मामला दर्ज किया गया है। अनिरुद्ध ने बताया कि वह प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा है। 18 जून को उसकी फेसबुक आईडी पर लोन के लिए आवेदन करने का मैसेज आया, जिसमें एक लिंक भेजी गई थी। उसने लिंक पर क्लिक कर अपना मोबाइल नंबर दर्ज कर दिया। कुछ देर बाद एक नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने व्हाट्सएप पर सभी दस्तावेज, बैंक अकाउंट की जानकारी और फोटो मांगे। दस्तावेज भेजने के बाद एक लाख रुपए का लोन स्वीकृत होने का मैसेज आया। भेजे गए लेटर पर इंडियाबुल्स धानी फाइनेंस कंपनी का नाम लिखा था।

जल्द राशि ट्रांसफर करने का दिया झांसा

इसके बाद प्रोसेसिंग चार्ज के नाम पर 2,250 रुपए यूपीआई के माध्यम से जमा कराए गए। भुगतान के बाद फिर कॉल आया और कहा गया कि कंपनी के सीनियर अधिकारी बात करेंगे। 19 जून को दोबारा कॉल कर आरोपी ने 10 मिनट में लोन राशि खाते में ट्रांसफर करने का भरोसा दिया और एक क्यूआर स्कैनर भेजकर अतिरिक्त चार्ज जमा कराने को कहा। रुपए जमा करने के बाद भी लोन की राशि खाते में नहीं आई। इसके बाद आरोपियों ने रिफंड का झांसा देकर अलग-अलग ट्रांजेक्शन कराए। जब अनिरुद्ध ने अपने रुपए वापस मांगे तो आरोपियों ने कहा कि लोन की राशि के साथ सभी पैसे वापस मिल जाएंगे। बाद में जीएसटी और अन्य शुल्क के नाम पर भी कई बार रुपए जमा कराए गए।

लोन कैंसिलेशन के नाम पर भी ऐंठे पैसे

आरोपियों ने यह भी कहा कि दो दिन की छुट्टी के कारण सोमवार को लोन जारी हो जाएगा। सोमवार को जब अनिरुद्ध ने लोन निरस्त करने की बात कही तो उससे फिर अतिरिक्त राशि की मांग की गई। इस तरह आरोपियों ने उससे कुल 1 लाख 25 हजार रुपए की ठगी कर ली। ठगी का अहसास होने पर अनिरुद्ध ने साइबर फ्रॉड हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर हीरानगर पुलिस ने शनिवार को आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *