वैश्विक आर्थिक सुस्ती और आईटी सेक्टर में छंटनी के दौर के बावजूद आईआईटी इंदौर ने अपने इतिहास का सबसे सफल प्लेसमेंट सीजन दर्ज किया है। पहली बार संस्थान के 11 बीटेक छात्रों को एक-एक करोड़ रुपए सालाना से अधिक के पैकेज मिले हैं। वहीं, बीटेक के 93 प्रतिशत से अधिक छात्रों को डिग्री पूरी होने से पहले ही नौकरी के ऑफर मिल चुके हैं।
दीक्षांत समारोह में पेश की गई वार्षिक रिपोर्ट
शनिवार को संस्थान के 14वें दीक्षांत समारोह में वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए डायरेक्टर प्रो. सुहास एस. जोशी ने बताया कि इस प्लेसमेंट सीजन में बीटेक छात्रों को अब तक 270 जॉब ऑफर मिले हैं। पोस्ट ग्रेजुएशन (मास्टर्स) के विद्यार्थियों को भी 108 ऑफर प्राप्त हुए हैं। चुनौतीपूर्ण वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद देश-विदेश की प्रमुख कंपनियों ने आईआईटी इंदौर के विद्यार्थियों की भर्ती की है।
रिसर्च और इनोवेशन के क्षेत्र में शानदार उपलब्धियां
प्रो. जोशी ने बताया कि संस्थान के शोध कार्यों का दायरा लगातार बढ़ा है। अब तक अंतरराष्ट्रीय जर्नल्स में 10,700 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित हो चुके हैं और 280 नई तकनीकें विकसित की गई हैं। उद्योग और सरकारी संस्थानों के सहयोग से आईआईटी इंदौर अब तक 900 स्पॉन्सर्ड रिसर्च प्रोजेक्ट और 730 कंसल्टेंसी प्रोजेक्ट पूरे कर चुका है। संस्थान ने 275 से अधिक पेटेंट फाइल किए हैं, जिनमें से 135 को मंजूरी मिल चुकी है। इनमें अकेले पिछले एक वर्ष में 80 पेटेंट मंजूर हुए हैं।
अत्याधुनिक अनुसंधान प्रयोगशालाओं का हुआ उद्घाटन
14वें दीक्षांत समारोह के दौरान ही आईआईटी इंदौर में एएनआरएफ-पेयर सक्षम (स्ट्रेंथनिंग एंड एक्सेलरेटिंग नॉलेज, हेल्थकेयर, एडवांस्ड मैन्युफेक्चरिंग एंड इनोवेशन मिशन) परियोजना के अंतर्गत स्थापित अत्याधुनिक अनुसंधान प्रयोगशालाओं का उद्घाटन प्रज्ञान इनोवेशन ट्रांजिट प्रयोगशाला में किया गया। इन प्रयोगशालाओं का उद्घाटन नीति आयोग, भारत सरकार के सदस्य एवं विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के पूर्व सचिव प्रोफेसर अभय करंदीकर तथा आईआईटी इंदौर के शासी मंडल के अध्यक्ष, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के पूर्व अध्यक्ष एवं अंतरिक्ष विभाग, भारत सरकार के पूर्व सचिव डॉ. के. शिवन द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। इस दौरे के दौरान, गणमान्य अतिथियों ने नवस्थापित अनुसंधान प्रयोगशालाओं का अवलोकन किया तथा संकाय सदस्यों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों के साथ संवाद किया। उन्होंने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों में स्थानांतरणीय अनुसंधान को सुदृढ़ करने तथा नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विश्वस्तरीय अनुसंधान अवसंरचना विकसित करने के लिए आईआईटी इंदौर के प्रयासों की सराहना की।
