द्वारका शारदा पीठ के जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती महाराज ने मंदिरों के प्रबंधन और उनकी आय को लेकर बड़ा बयान दिया है। भोपाल में मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि मंदिरों में सरकार का हस्तक्षेप समाप्त होना चाहिए और मंदिरों में श्रद्धालुओं द्वारा दिए जाने वाले चढ़ावे व दान का उपयोग उसी क्षेत्र के जनकल्याण और विकास कार्यों में किया जाना चाहिए। उन्होंने अयोध्या राम मंदिर के कथित चढ़ावा चोरी मामले में भी दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। शंकराचार्य सदानंद सरस्वती ने कहा कि देश के बड़े मंदिरों में दान और चढ़ावे के रूप में करोड़ों रुपये की आय होती है। इस धन का उपयोग संबंधित जिले और क्षेत्र के विकास के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मंदिरों की नियमित व्यवस्थाओं का खर्च निकालने के बाद बचने वाली राशि से अस्पताल, पाठशालाएं, धर्मशालाएं, गौशालाएं और संस्कृत विद्यालय जैसे जनहित के कार्य किए जाएं। उन्होंने कहा कि मंदिरों का धन किसी अन्य उद्देश्य पर खर्च नहीं होना चाहिए, बल्कि जिस क्षेत्र में मंदिर स्थित है, उसी क्षेत्र के विकास में लगाया जाना चाहिए। इससे स्थानीय लोगों को सीधा लाभ मिलेगा और धार्मिक संस्थाएं भी सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेंगी।
