अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और मंदिर निर्माण से जुड़े मामलों में भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर सवाल खड़े किए हैं। भोपाल में चल रहे कांग्रेस के लोकतंत्र बचाओ सत्याग्रह के दौरान उन्होंने कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए। दिग्विजय सिंह ने कहा कि देशभर के लोगों ने श्रद्धा और विश्वास के साथ राम मंदिर निर्माण के लिए चंदा दिया था। ऐसे में मंदिर से जुड़े किसी भी विवाद या वित्तीय अनियमितता के आरोपों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जानकारी के अनुसार मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार राम मंदिर ट्रस्ट से भी जुड़े हुए हैं। यदि ऐसा है तो यह स्पष्ट होना चाहिए कि संवैधानिक पद पर रहते हुए किसी ट्रस्ट की सदस्यता कैसे संभव है।
उन्होंने कहा कि जनता को यह जानने का अधिकार है कि राम मंदिर ट्रस्ट और उससे जुड़े मामलों में जवाबदेही किसकी है। इसलिए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जानी चाहिए
लोकतंत्र बचाओ सत्याग्रह आयोजित
गुरुवार को राजधानी भोपाल में राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के आह्वान पर लोकतंत्र बचाओ सत्याग्रह आयोजित कर कांग्रेस ने इस मुद्दे को राज्यसभा की एक सीट से आगे लोकतंत्र और संविधान की लड़ाई बताया। सत्याग्रह में वरिष्ठ कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील पवार समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। रोशनपुरा चौराहे स्थित जवाहर भवन के सामने आयोजित धरने में कांग्रेस नेताओं ने नामांकन निरस्त किए जाने की कार्रवाई को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए केंद्र और भाजपा पर निशाना साधा।
मीनाक्षी नटराजन बोलीं- अब लड़ाई सिर्फ सीट की नहीं
सत्याग्रह को संबोधित करते हुए मीनाक्षी नटराजन ने कहा कि यह मामला केवल राज्यसभा की एक सीट तक सीमित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश को वन नेशन, वन पार्टी की दिशा में ले जाने की कोशिश हो रही है और विपक्षी दलों को कमजोर करने का अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहले यह लड़ाई सीट और वोट तक सीमित थी, लेकिन अब लोकतांत्रिक संस्थाओं और राजनीतिक दलों के अस्तित्व का सवाल खड़ा हो गया है। मीनाक्षी ने कहा कि कांग्रेस इस चुनौती का मजबूती से मुकाबला करेगी और लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी। कांग्रेस के अंदर गुटबाजी और एनएसयूआई नेताओं को नोटिस जारी किए जाने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि यह भाजपा द्वारा रचा गया राजनीतिक जाल है, जिसमें कांग्रेस फंसने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि मूल मुद्दा लोकतंत्र और संवैधानिक व्यवस्था की रक्षा का है।
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दिग्विजय सिंह बोले- लोकतंत्र के इतिहास का काला दिन
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किए जाने की घटना को लोकतंत्र के इतिहास का काला दिन बताया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों और संवैधानिक मूल्यों की अनदेखी की गई है, जिसे कांग्रेस कभी स्वीकार नहीं करेगी। दिग्विजय सिंह ने कहा कि राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के माध्यम से यह संदेश प्रदेश के गांव-गांव और आम जनता तक पहुंचाया जाएगा, ताकि लोग समझ सकें कि लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के साथ किस तरह खिलवाड़ किया गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगी।
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रिटर्निंग अधिकारी के फैसले पर उठाए सवाल
धरने के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए नामांकन निरस्त करने वाले रिटर्निंग अधिकारी के फैसले पर सवाल उठाए। नेताओं ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि लोकतंत्र में पारदर्शिता और न्याय सर्वोपरि होना चाहिए। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यदि लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं पर सवाल उठेंगे तो जनता का भरोसा कमजोर होगा, इसलिए पूरे मामले की निष्पक्ष समीक्षा आवश्यक है।
