मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र खारिज होने के बाद सियासी विवाद तेज हो गया है। कांग्रेस ने इस फैसले को लोकतंत्र पर हमला बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई है, जबकि बीजेपी का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह नियमों के अनुरूप की गई है। राज्यसभा की तीन सीटों के लिए चुनाव होना है, जिनमें से दो सीटों पर बीजेपी की जीत लगभग तय मानी जा रही है। तीसरी सीट पर बीजेपी ने महेश केवट को उम्मीदवार बनाया था, जिनका मुकाबला मीनाक्षी नटराजन से होना था। लेकिन नामांकन रद्द होने के बाद महेश केवट के राज्यसभा पहुंचने का रास्ता लगभग साफ दिखाई दे रहा है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि रिटर्निंग ऑफिसर के समक्ष जांच के दौरान आखिर क्या हुआ? मीनाक्षी नटराजन का नामांकन किस नियम और आधार पर खारिज किया गया? कांग्रेस ने चुनाव आयोग में जाकर क्या-क्या बातें की। आइए जानते हैं सबकुछ।