महिला को सामने बैठाकर पूछताछ की तो लूट की फर्जी कहानी खुल गई। महिला ने ही अपने नाबालिग भाई से गहनों से भरा बैग छीनने के लिए कहा था। महिला गोल्ड लोन दे …और पढ़ें

Publish Date: Sun, 19 Apr 2026 09:06:27 AM (IST)Updated Date: Sun, 19 Apr 2026 09:06:27 AM (IST)

बीएसएफ जवान की बेटी की करतूत, ऑनलाइन गेम में हारी तो रची खुद के साथ 15 लाख के गहने की लूट की झूठी कहानी
ग्वालियर में 15 लाख के गहनों की लूट निकली फर्जी

HighLights

  1. ग्वालियर में 15 लाख के गहनों की लूट निकली फर्जी
  2. गेम में हारी तो रची थी खुद के साथ लूट की झूठी कहानी
  3. पुलिस ने आठ घंटे में केस का पर्दाफाश कर दिया

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। शहर में हाई अलर्ट के बीच 15 लाख रुपये के सोने के गहने लूटने की खबर ने पुलिस को हिलाकर रख दिया। बहोड़ापुर इलाके में पैदल जा रही महिला ने अपने साथ हुई लूट की खबर पुलिस को दी। पुलिस ने भी तुरंत नाकाबंदी कराई और दो टीमें सीसीटीवी कैमरे खंगालने में लग गई। सीसीटीवी कैमरे से स्कूटी सवार लुटेरे पुरानी छावनी में स्टोन पार्क की तरफ जाते दिखे। पीछा करते हुए एक टीम यहां तक पहुंच गई, तब सामने आया कि स्कूटी चलाने वाला तो फरियादी का ही भाई है।

यहां से सुराग मिला और पुलिस ने जब महिला के नाबालिग भाई व उसके दोस्त को पकड़ा। महिला को सामने बैठाकर पूछताछ की तो लूट की फर्जी कहानी खुल गई। महिला ने ही अपने नाबालिग भाई से गहनों से भरा बैग छीनने के लिए कहा था। महिला गोल्ड लोन देने वाली कंपनी का पैसा और गहने हड़पना चाहती थी। इसलिए उसने लूट का षड़यंत्र रचा। गहने गिरवी रखकर कर्ज लेने की कहानी भी चौंकाने वाली है। महिला एवियेटर गेम खेलती है। ऑनलाइन गेम में पैसा हार गई तो कर्ज हो गया।

इस कर्ज को चुकाने गहने गिरवी रख दिए थे। पुरानी छावनी क्षेत्र में रहने वाले अरविंद सिंह सिकरवार बीएसएफ में आरक्षक हैं। उनकी पदस्थापना बंगाल में है। उनकी बेटी शैजू सिकरवार की शादी हो चुकी है, लेकिन वह पति से अलग मायके में ही रहती है। शैजू की मां प्रिया के गहने कैपरी गोल्ड लोन में गिरवी रखे हुए थे। करीब छह तोला वजनी गहने थे।

इन गहनों को शैजू निकालने के लिए पहुंची। अपने और मां के गहने उसने बैग में रखे। बहोड़ापुर तिराहे के पास स्थित आईआइएफएल कंपनी में गहने रखने के लिए जा रही थी। पीछे से स्कूटी पर सवार होकर दो बदमाश आए और झपट्टा मारा और बैग लूट लिया। शैजू सिकरवार ने पुलिस को सूचना दी। एएसपी अनु बेनीवाल, बहोड़ृापुर थाना प्रभारी आलोक सिंह परिहार और इनकी टीम पड़ताल में लगी। आठ घंटे में ही लूट का राजफाश हो गया।

आईआईएफएल से 4.66 लाख रुपये लेकर कैपरी बैंक से निकाले गहने, रास्ते में लूट की कहानी गढ़ी

इस मामले में एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। आईआईएफएल कंपनी से बगैर सोना या गारंटी के 4.66 लाख रुपये शैजू को मिल गए। यहां के एक कर्मचारी ने रुपये दिए, ताकि वह कैपरी बैंक से गहने निकाल सके। यह रुपये कैपरी बैंक में जमा कर रुपये निकाले। यह गहने आईआईएफएल कंपनी में जमा करने थे। इससे पहले ही शैजू से उसका भाई बैग छीन ले गया। पुलिस को शक है कि आईआईएफएल के किसी कर्मचारी की भी मिलीभगत हो सकती है।

बहोड़ापुर में महिला ने लूट की जानकारी दी थी। आठ घंटे में राजफाश हो गया। महिला ने ही अपने नाबालिग भाई और दोस्त से लूट कराई थी। ऑनलाइन गेम में कर्ज हो गया था, इसके चलते गहने गिरवी रखकर कर्ज लिया। दूसरी कंपनी के रुपये और गहने हड़पने के लिए यह वारदात की है। धर्मवीर सिंह, एसएसपी।



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