हाई कोर्ट ने मोटर दुर्घटना में मृत महिला के स्वजन को दिए गए मुआवजे में बड़ी बढ़ोतरी करते हुए 7.22 लाख रुपये अतिरिक्त देने के आदेश दिए हैं। मामला दतिया …और पढ़ें

Publish Date: Wed, 13 May 2026 09:23:40 PM (IST)Updated Date: Wed, 13 May 2026 09:27:35 PM (IST)

ग्‍वालियर हाई कोर्ट ने कहा- गृहिणी ‘अकुशल मजदूर’ नहीं, पूरे घर की प्रबंधक
ग्‍वालियर हाई कोर्ट।

HighLights

  1. मृतका की आय कम आंकी। उसे अकुशल श्रमिक मान लिया।
  2. वह गृहणी थी और पूरे परिवार की जिम्मेदारी संभालती थी।
  3. मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति हिरदेश की एकलपीठ में हुई।

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। मप्र हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने एक फैसले में कहा है कि गृहिणी के काम को अकुशल मजदूर की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता। अदालत ने टिप्पणी की कि एक गृहिणी पूरे घर का संचालन करती है, उसकी सेवाओं का आर्थिक मूल्य होता है और उसे घर की प्रबंधक के रूप में देखा जाना चाहिए।

इसी आधार पर हाई कोर्ट ने मोटर दुर्घटना में मृत महिला के स्वजन को दिए गए मुआवजे में बड़ी बढ़ोतरी करते हुए 7.22 लाख रुपये अतिरिक्त देने के आदेश दिए हैं। मामला दतिया जिले के मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण से जुड़ा है।

प्रथम अतिरिक्त मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण ने वर्ष 2022 में रानी नामक महिला की सड़क हादसे में मृत्यु पर स्वजन को 8.14 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया था।

मृतका के स्वजन ने इस फैसले को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में अपील दायर की। उनका कहना था कि ट्रिब्यूनल ने मृतका की आय बहुत कम आंकी और उसे अकुशल श्रमिक मान लिया।

जबकि वह गृहणी थी और पूरे परिवार की जिम्मेदारी संभालती थी। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति हिरदेश की एकलपीठ में हुई।



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