ग्वालियर में खटारा और अनफिट बसें यात्रियों की जान जोखिम में डाल रही हैं। ओवरलोडिंग, नियमों की अनदेखी और प्रशासन की लापरवाही से हादसों का खतरा लगातार ब …और पढ़ें

HighLights
- ग्वालियर में खटारा बसों का संचालन जारी
- ओवरलोडिंग से यात्रियों की जान जोखिम में
- फिटनेस और परमिट नियमों की अनदेखी
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। ग्वालियर में यात्री सुरक्षा को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। शहर की सड़कों से लेकर हाईवे तक खटारा और अनफिट बसें धड़ल्ले से दौड़ रही हैं, जिनमें सफर करना यात्रियों के लिए जोखिम भरा साबित हो रहा है।
हैरानी की बात यह है कि इन बसों पर कार्रवाई केवल हादसों के बाद ही होती है, जबकि रोजाना हजारों लोग अपनी जान जोखिम में डालकर यात्रा करने को मजबूर हैं।
ओवरलोडिंग और खराब हालत का खतरा
इन बसों की स्थिति इतनी खराब है कि बाहरी हालत देखकर ही उनकी खस्ता स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। इसके बावजूद बस ऑपरेटर ओवरलोडिंग कर यात्रियों को ठूंस-ठूंसकर ले जाते हैं। कई बार यात्रियों के साथ अभद्र व्यवहार और दबाव डालकर सफर कराने की शिकायतें भी सामने आती हैं।
कार्रवाई सिर्फ हादसों के बाद
पुलिस, प्रशासन और परिवहन विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। आम दिनों में कोई सख्ती नजर नहीं आती, लेकिन जैसे ही कोई बड़ा हादसा होता है, कुछ दिनों के लिए अभियान चलाया जाता है और फिर हालात पहले जैसे हो जाते हैं।
नियमों की खुलेआम अनदेखी
यातायात विभाग के नियमों के मुताबिक बस ऑपरेटरों को सीटों के हिसाब से टैक्स देना और समय-समय पर फिटनेस जांच कराना अनिवार्य है। इसके बावजूद कई बसें बिना फिटनेस और अधूरे परमिट के साथ सड़कों पर दौड़ रही हैं। कुछ बसें तो दूसरों के परमिट पर भी संचालित हो रही हैं, जिससे नियमों का पालन करने वाले ऑपरेटरों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
यात्रियों की सुरक्षा पर खतरा
इन हालातों के चलते यात्रियों की सुरक्षा पूरी तरह से दांव पर लगी हुई है। लोगों का कहना है कि जब तक प्रशासन सख्त कार्रवाई नहीं करेगा, तब तक यह समस्या जस की तस बनी रहेगी और किसी बड़े हादसे का खतरा लगातार बना रहेगा।
