बुढ़ार में बीईओ रहते हुए उन्होंने बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के छह विभागीय बैंक खाते खोलकर वित्तीय अनियमितताएं की थीं। जिस पर बुढ़ार थाने में प्रकरण…और पढ़ें

HighLights
- एक करोड़ के गबन मामले में बीईओ बर्खास्त
- सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था मामला
- जनजातीय कार्य विभाग के प्रमुख सचिव ने की कार्रवाई
नईदुनिया प्रतिनिधि, शहडोल। जनजातीय कार्य विभाग ने बुढ़ार के तत्कालीन विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) अशोक कुमार शर्मा को सेवा से पदच्युत (बर्खास्त) कर दिया। शर्मा पर वर्ष 2014 से 2020 के बीच विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से एक करोड़ एक लाख 72 हजार 176 रुपये के गबन का आरोप है। अशोक शर्मा मूल रूप से व्याख्याता पद पर पदस्थ थे।
बुढ़ार में बीईओ रहते हुए उन्होंने बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के छह विभागीय बैंक खाते खोलकर वित्तीय अनियमितताएं की थीं। जिस पर बुढ़ार थाने में प्रकरण दर्ज कर 2021 में उन्हें निलंबित कर दिया गया था। मामला न्यायालय पहुंचा तो एफआईआर से जुड़ी कार्रवाई को चुनौती दी गई। आवश्यक तथ्य के अभाव में हाई कोर्ट ने एफआइआर निरस्त कर दी।
बाद में राज्य शासन ने इस आदेश के विरुद्ध सुप्रीम कोर्ट में अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि एफआइआर केवल अपराध की सूचना होती है और आरोपों की जांच आवश्यक है। इसके बाद विभागीय कार्रवाई आगे बढ़ी। शहडोल संभागायुक्त ने 2021 में अशोक शर्मा के खिलाफ सात बिंदुओं पर आधारित आरोप पत्र जारी किया।
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जांच प्रतिवेदन और उपलब्ध अभिलेखों के परीक्षण के बाद शासन ने उन्हें शासकीय सेवा के लिए अनुपयुक्त माना। इसके बाद जनजातीय कार्य विभाग के प्रमुख सचिव ने मंगलवार को मध्य प्रदेश सिविल सेवा नियमों के तहत पदच्युत किए जाने का आदेश जारी कर दिया।
