सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय में बंगलों पर वर्षों से जमे कब्जों को हटाने की कार्रवाई शुरू होते ही विवाद गहराने लगा है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने आलोट से भाजपा विधायक डॉ. चिंतामणि मालवीय सहित 6 लोगों को सरकारी आवास खाली करने के नोटिस जारी किए हैं।
कुलगुरु अर्पण भारद्वाज ने बताया कि हाल ही में हुई कार्यपरिषद की बैठक में निर्णय लिया गया कि जिन व्यक्तियों का विश्वविद्यालय से कोई संबंध नहीं है, उनसे आवास खाली कराए जाएंगे। वर्तमान में 50 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी आवास के लिए आवेदन कर चुके हैं, लेकिन बाहरी कब्जों के कारण उन्हें सुविधा नहीं मिल पा रही है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यपरिषद के निर्णय के अनुसार विश्वविद्यालय के आवास केवल कर्मचारियों के लिए सुरक्षित रहेंगे, जिन लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं, उन्हें एक माह के भीतर आवास खाली करने के निर्देश दिए गए हैं।
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जर्जर भवन हटाने की भी योजना
सूत्रों के अनुसार विश्वविद्यालय के कई भवनों पर बाहरी लोगों का कब्जा होने के चलते कर्मचारी जर्जर आवासों में रहने को मजबूर हैं। प्रशासन ने ऐसे 21 जर्जर भवनों को हटाने की योजना भी बनाई है, ताकि नए सिरे से आवास व्यवस्था सुधारी जा सके।
आवंटन पर उठे सवाल
जानकारी के मुताबिक विधायक मालवीय को वर्ष 2009 में ई-4 श्रेणी का आवास आवंटित हुआ था, जिसका मासिक किराया 1620 रुपए है। अक्टूबर 2023 में उन्होंने एकमुश्त 9.09 लाख रुपए जमा किए थे लेकिन इसके बाद किराया जमा नहीं हुआ। नोटिस मिलने के बाद उन्होंने अन्य आवंटनों पर भी सवाल खड़े किए हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन अब लंबे समय से कब्जा जमाए लोगों से आवास खाली कराने की प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ा रहा है, जिससे विवाद धीरे-धीरे तूल पकड़ता जा रहा है।
